PM Kisan: 12वीं किस्त से पहले सरकार ने किया बड़ा बदलाव, झटपट कर लें यह काम नहीं तो अटक सकता है पैसा

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 12वीं किस्त किसानों के खाते में डालने से पहले केंद्र सरकार ने जो बदलाव किया है, उसका असर सीधे तौर पर किसानों को होगा. किसान भाई अब पीएम किसान के वेबसाइट में जाकर आधार नंबर डालकर जिस तरह से अपनी किस्त देख पाते थे, अब ऐसा नहीं कर पायेंगे.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से करोड़ों किसानों का लाभ हो चुका है. अबतक केंद्र सरकार की ओर से किसानों के खातों में 11वीं किस्त का पैसा डाल दिया गया है. किसानों को 12वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है. खबर है कि किसानों को पीएम किसान के तहत मिलने वाली 12वीं किस्त का बुहत जल्द भुगतान कर दिया जाएगा. हालांकि 12वीं किस्त के भुगतान से पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने योजना में थोड़ी बदलाव की है. जिसकी जानकारी किसानों को हर हाल में होना चाहिए. तो हम यहां योजना में जो बदलाव किया गया है, उसकी जानकारी देने वाले हैं.

12वीं किस्त देने से पहले सरकार ने क्या किया बदलाव

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 12वीं किस्त किसानों के खाते में डालने से पहले केंद्र सरकार ने जो बदलाव किया है, उसका असर सीधे तौर पर किसानों को होगा. किसान भाई अब पीएम किसान के वेबसाइट में जाकर आधार नंबर डालकर जिस तरह से अपनी किस्त देख पाते थे, अब ऐसा नहीं कर पायेंगे. दरअसल सरकार ने इसमें बदलाव किया है. अब अपनी किस्त का स्टेटस देखने के लिए वेबसाइट में अपना आधार नंबर नहीं, बल्कि अपना मोबाइल नंबर डालना होगा. ध्यान रखे आपका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना चाहिए.

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कब आयेगा 12वीं किस्त का पैसा

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो केंद्र सरकार इस साल के नवंबर में किसानों के खाते में 12वीं किस्त का पैसा ट्रांसफर कर सकती है. दरअसल ई-केवासी में हो रही देरी के कारण किसानों के 12वीं किस्त में देरी हो रही है. सरकार ने फर्जीवाड़े को रोकने के लिए ई-केवाइसी को अनिवार्य कर दिया है.

क्या है किसान सम्मान निधि

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि केन्‍द्र सरकार की महत्‍वाकांक्षी योजना है. इस योजना के तहत छोटे और सीमान्त किसानों को सलाना न्यूनतम छह हजार रुपये दिये जाते हैं. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को उत्‍तर प्रदेश में यह योजना गोरखपुर से शुरू की थी और एक करोड़ किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये की पहली किस्‍त भेजी गयी थी. इस योजना के तहत हर पात्र किसान को तीन किश्तों में भुगतान किया जाता है और सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाती है.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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