Crude Oil: मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग का सीधा असर अब आपकी जेब पर पड़ने वाला है. महज 15 दिनों के भीतर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 41% से ज्यादा का तगड़ा उछाल आया है.
महज 15 दिन और $30 की बढ़ोत्तरी
युद्ध शुरू होने से पहले, यानी 27 फरवरी तक कच्चा तेल करीब $73 प्रति बैरल पर मिल रहा था. लेकिन शनिवार (14 मार्च 2026) तक यह बढ़कर $103 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. सीधा हिसाब देखें तो 15 दिनों में कच्चे तेल के दाम $30 प्रति बैरल तक बढ़ गए हैं.
कीमतें क्यों बढ़ रही हैं ?
इस उछाल की मुख्य वजह Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) के रास्ते में आई रुकावट है. दुनिया का करीब 20% तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है. ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव की वजह से इस समुद्री रास्ते से होने वाली सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है, जिससे एशिया समेत पूरी दुनिया में तेल की कमी होने का डर पैदा हो गया है.
युद्ध ने कैसे बिगाड़ा खेल ?
यह संघर्ष 28 फरवरी को तब तेज हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सीधा हमला किया. इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं. जानकारों का मानना है कि जब तक यह युद्ध थमता नहीं, बाजार में अनिश्चितता बनी रहेगी.
अभी और बढ़ेगी हलचल
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. के मुताबिक, आने वाला हफ्ता शेयर बाजार और तेल की कीमतों के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है. निवेशक अब वैश्विक नेताओं के बयानों और कूटनीतिक कोशिशों पर नजर रख रहे हैं. अगर हॉर्मुज का रास्ता लंबे समय तक बाधित रहता है, तो दुनिया भर में महंगाई बढ़ना तय है.
आम आदमी पर क्या होगा असर ?
- महंगा पेट्रोल-डीजल: कच्चे तेल के दाम बढ़ने से आने वाले दिनों में देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं.
- महंगाई की मार: तेल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन (माल ढुलाई) का खर्च बढ़ेगा, जिससे फल, सब्जियां और रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती हैं.
- हवाई सफर: जैसा कि हाल ही में एयरलाइंस ने सरचार्ज बढ़ाया है, आने वाले समय में फ्लाइट टिकटें और भी महंगी हो सकती हैं.
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