Financial Bill 2026: संसद में शुक्रवार को ‘फाइनेंस बिल 2026’ पास होने के साथ ही इस साल की बजट प्रक्रिया पूरी हो गई है. लोकसभा के बाद राज्यसभा ने भी इसे अपनी मंजूरी दे दी है. इस बिल के पास होने का सीधा मतलब यह है कि सरकार ने अब आने वाले साल के लिए टैक्स और खर्चों की रूपरेखा तय कर ली है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में भरोसा दिलाया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखना और आम आदमी को राहत देना है.
क्या पेट्रोल-डीजल के दाम कम होंगे?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को देखते हुए आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. वित्त मंत्री ने एलान किया कि सरकार पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) घटाने जा रही है. इससे इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव होने के बावजूद घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रहेंगी और आम नागरिक की जेब पर बोझ कम होगा.
GST से गरीबों को क्या फायदा है?
अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या GST सबके लिए एक जैसा है? वित्त मंत्री ने साफ किया कि GST इंसान को देखकर नहीं बल्कि खपत (Consumption) के आधार पर लगता है. गरीबों के हित का ध्यान रखते हुए चावल, गेहूं, दालें, आटा, फल, सब्जियां, दूध और अंडे जैसे जरूरी सामानों को GST से पूरी तरह बाहर रखा गया है. वहीं, चाय, चीनी और खाने के तेल जैसी चीजों पर सिर्फ 5% टैक्स लगता है, ताकि आम आदमी का बजट न बिगड़े.
सरकार का अगला प्लान क्या है?
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल टैक्स ही नहीं, बल्कि अन्य माध्यमों (Non-tax revenues) से भी संसाधन जुटाने पर जोर दे रही है. सरकार का फोकस अब विकास से जुड़े कामों पर खर्च बढ़ाने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर है. उन्होंने यह भी कहा कि खरीदारी के वक्त किसी की इनकम के हिसाब से अलग-अलग टैक्स लगाना मुमकिन नहीं है, इसलिए जरूरी चीजों पर टैक्स कम रखना ही सबसे बेहतर रास्ता है.
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