Pakistan inflation: महंगाई से कराह रहा पाकिस्तान, गेहूं-अंडे हुए महंगे, प्याज की कीमत में 228.28% की बढ़ोतरी

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पिछले कुछ दिनों में सरकारी वितरण केंद्रों से मुफ्त आटा लेने की कोशिश के दौरान कम से कम चार बुजुर्गों की मौत हो गई. आसमान छूती महंगाई से निपटने के लिए विशेष रूप से पंजाब प्रांत में गरीबों के लिए मुफ्त आटा योजना शुरू की गई थी.

पाकिस्तान अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है. महंगाई आसमान छू रही है. वहां के लोगों को रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजें भी मुश्किल से मिल पा रही हैं. महंगाई इतनी बढ़ गयी है कि लोगों को कुछ खाने के लिए भी सोचना पड़ रहा है. ताजा जो रिपोर्ट सामने आयी है, वह और भी डराने वाली है, पाकिस्तान में महंगाई दर 47 फीसदी पहुंच गयी है. पाकिस्तान में जहां गेहूं और अंडे महंगे हो गये हैं, वहीं प्याज की कीमत में 228.28% की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है.

पाकिस्तान में गैस, चाय, सिगरेट की कीमत में भारी बढ़ोतरी

सेंसिटिव प्राइस इंडिकेटर (एसपीआई) के अनुसार सिगरेट 165.88 फीसदी, गेहूं का आटा 120.66 फीसदी, गैस शुल्क पहली तिमाही में 108.38 फीसदी और लिप्टन चाय 94.60 फीसदी महंगी हो गयी है. डीजल की कीमत में 102.84 प्रतिशत, केले की 89.84 प्रतिशत, पेट्रोल की 81.17 प्रतिशत और अंडों की कीमत में 79.56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुफ्त आटा लेने के दौरान चार बुजुर्गों की मौत

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पिछले कुछ दिनों में सरकारी वितरण केंद्रों से मुफ्त आटा लेने की कोशिश के दौरान कम से कम चार बुजुर्गों की मौत हो गई. आसमान छूती महंगाई से निपटने के लिए विशेष रूप से पंजाब प्रांत में गरीबों के लिए मुफ्त आटा योजना शुरू की गई थी. इसका लाभ उठाने के लिए सरकारी वितरण केंद्रों पर भीड़ उमड़ पड़ी और कई लोगों की मौत हो गई.

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आटा लेने के लिए घंटों लाइन में खड़े हो रहे पाकिस्तान के लोग

पंजाब सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुल्तान, मुजफ्फरगढ़ और फैसलाबाद शहरों में पिछले कुछ दिनों में मुफ्त गेहूं का आटा लेने के प्रयास में चार बुजुर्गों की मौत हो गई और कई बेहोश हो गए. उन्होंने कहा कि लोगों की भारी भीड़ और वितरण केंद्रों पर सुविधाओं की कमी के कारण ये घटनाएं हुईं. उन्होंने कहा, दो लोगों की मौत भगदड़ की वजह से हुई और दो व्यक्तियों की घंटों तक कतार में खड़े रहने के कारण थकान की वजह से मौत हो गई.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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