Oracle AI Boom: बेंगलुरु के तकनीशियन रातोंरात बने करोड़पति, एआई सौदों से मिला सुनहरा मौका

Oracle AI Boom: ओरेकल के एआई बूम ने बेंगलुरु के कई तकनीशियनों को रातोंरात करोड़पति बना दिया. कंपनी के एआई क्लाउड सौदों से शेयर में 36% की ऐतिहासिक उछाल आई, जिससे कर्मचारियों की आरएसयू वैल्यू करोड़ों तक पहुंच गई. इसने ओरेकल को ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप के करीब पहुंचा दिया और सह-संस्थापक लैरी एलिसन की संपत्ति भी तेजी से बढ़ी. हाल की छंटनी झेल चुके कर्मचारियों के लिए यह उछाल नई उम्मीद लेकर आया है और भारत में टेक इंडस्ट्री पर बड़ा असर डाला है.

Oracle AI Boom: टेक कंपनी ओरेकल ने 10 सितंबर 2025 को अपनी एआई क्लाउड सेवाओं पर केंद्रित अरबों डॉलर के सौदों की घोषणा की. यह खबर इतनी प्रभावशाली साबित हुई कि कंपनी के शेयरों में एक ही दिन में 36% का उछाल आया. यह 1992 के बाद से ओरेकल के शेयरों में सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़ोतरी थी. कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 933 अरब डॉलर तक पहुंच गया और वह ट्रिलियन-डॉलर क्लब की ओर तेजी से बढ़ने लगी.

लैरी एलिसन बने दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति

शेयरों में इस तेजी का सबसे बड़ा लाभ ओरेकल के को-फाउंडर लैरी एलिसन को मिला. कुछ समय के लिए उन्होंने टेस्ला के एलन मस्क को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के सबसे अमीर आदमी का खिताब हासिल किया. हालांकि, यह स्थिति ज्यादा समय तक बरकरार नहीं रही, लेकिन उनकी कुल संपत्ति में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया. यह सब ओरेकल की एआई रणनीति और क्लाउड सेवाओं के बड़े सौदों का नतीजा था.

कर्मचारियों को मिला करोड़पति बनने का मौका

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के शेयरों के इस उछाल का असर सिर्फ कंपनी के टॉप मैनेजमेंट तक सीमित नहीं रहा. ओरेकल के बेंगलुरु स्थित कर्मचारियों को भी इसका बड़ा फायदा मिला. कंपनी में काम करने वाले कई तकनीशियन और खासकर वे जिन्होंने हाल ही में नौकरी शुरू की थी, रातोंरात करोड़पति बन गए. इसकी वजह थी उनके सीटीसी में शामिल प्रतिबंधित स्टॉक इकाइयां, जिनकी वैल्यू अचानक कई गुना बढ़ गई.

आरएसयू क्या होता है?

आरएसयू यानी रेस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स एक प्रकार का कर्मचारी मुआवजा होता है. इसके तहत कंपनी कर्मचारियों को भविष्य में शेयर देने का वादा करती है. यह शेयर केवल तब मिलते हैं, जब कर्मचारी कंपनी के साथ तय समय तक जुड़े रहें या किसी प्रदर्शन लक्ष्य को हासिल करें. ओरेकल में दी गई इन आरएसयू ने कई युवाओं को अचानक करोड़पति बना दिया.

ब्लाइंड ऐप पर साझा हुई कहानी

लोकप्रिय प्रोफेशनल कम्युनिटी ऐप ब्लाइंड पर एक ओरेकल कर्मचारी ने अपनी खुशी साझा की. उसने लिखा, “हे भगवान, मैं आज करोड़पति हूं. मुझे फरवरी में ओरेकल से नौकरी से निकाला गया था. लेकिन, उस दौरान मिले शेयर मैंने रख लिए थे. आज कंपनी के नतीजों और शेयर उछाल के बाद, पहली बार ज़िंदगी में करोड़पति बन गया हूं.” इस तरह की पोस्ट्स ने कंपनी कर्मचारियों की अचानक मिली इस आर्थिक सफलता को और अधिक सुर्खियों में ला दिया.

बेंगलुरु के इंजीनियरों की नई दौलत

भारत में ओरेकल के बेंगलुरु कार्यालय में कार्यरत युवा इंजीनियरों की कहानियां खासतौर पर प्रेरणादायक हैं.

  • 2022 बैच का बी टेक स्नातक: ओरेकल में शामिल होने के बाद उन्होंने कंपनी में मुश्किल से दो साल पूरे किए थे. लेकिन एआई बूम से शेयरों की कीमत बढ़ने के बाद उसकी कुल संपत्ति लगभग 1.5 करोड़ रुपये आंकी जा रही है.
  • 2024 बैच का इंजीनियर: सिर्फ 22 वर्ष की उम्र में ओरेकल से उन्हें 60 लाख रुपये सालाना पैकेज के साथ-साथ 60 लाख रुपये के आरएसयू मिले. मौजूदा समय में इन आरएसयू का मूल्य 1.25 करोड़ रुपये पहुंच गया है. उम्मीद है कि 2027 तक यह 2 करोड़ रुपये से भी अधिक हो जाएगा.

छंटनी के दर्द से मिली राहत

कुछ महीने पहले ओरेकल ने वैश्विक स्तर पर कई कर्मचारियों की छंटनी की थी. भारत में भी इसका असर देखने को मिला था. लेकिन अब एआई क्लाउड सर्विसेज में आक्रामक निवेश और नए सौदों ने कंपनी को फिर से सुर्खियों में ला दिया है. इस तेजी ने छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों के मन में भी एक तरह की उम्मीद और उत्साह पैदा किया है.

एआई क्रांति ने खोले नए दरवाजे

ओरेकल आक्रामक रूप से ट्रिलियन-डॉलर मार्केट कैप के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है. एआई सेवाओं के तेजी से विस्तार ने कंपनी के लिए नए दरवाजे खोले हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि क्लाउड और एआई तकनीक का संगम आने वाले वर्षों में ओरेकल को न सिर्फ तकनीकी क्षेत्र बल्कि वित्तीय बाजारों का भी दिग्गज खिलाड़ी बना सकता है.

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एआई बूम ने बदल दिया कर्मचारियों का जीवन

ओरेकल का यह एआई बूम न सिर्फ उसके शेयरधारकों बल्कि साधारण कर्मचारियों के लिए भी जीवन बदल देने वाला साबित हुआ है. बेंगलुरु के युवा तकनीशियन ने अपने करियर की शुरुआत हाल ही में की थी, वे आज करोड़पति बनकर नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं. यह इस बात का सबूत है कि तकनीक, इनोवेशन और सही समय पर किए गए निवेश किसी कंपनी को और उसके कर्मचारियों को नई बुलंदियों तक पहुंचा सकते हैं.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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