प्याज की कीमतों में गिरावट पर किसानों का प्रदर्शन, लासलगांव एपीएमसी में नीलामी फिर शुरू

Onion Price: लासलगांव एपीएमसी में प्याज की कीमतों में गिरावट से किसानों में नाराजगी बढ़ी, जिसके चलते उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया. निर्यात शुल्क हटाने की मांग को लेकर हुए इस आंदोलन के बाद सरकार ने मामले को संज्ञान में लिया, जिससे स्थिति अब सामान्य हो गई है. हालांकि, किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए सरकार को दीर्घकालिक समाधान निकालने की जरूरत है.

Onion Price: महाराष्ट्र के नासिक स्थित लासलगांव कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) में मंगलवार को प्याज की नीलामी फिर से शुरू हो गई. एक दिन पहले कीमतों में भारी गिरावट के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन किया था, जिससे इसकी नीलामी रोक लग गई थी.

क्यों किया किसानों ने विरोध प्रदर्शन?

सोमवार को किसानों ने प्याज पर लगाए गए 20% निर्यात शुल्क को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. उनका कहना है कि निर्यात शुल्क के चलते प्याज की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है. विरोध जताने के लिए कुछ किसानों ने पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन भी किया.

लासलगांव एपीएमसी एशिया का सबसे बड़ा प्याज बाजार

लासलगांव एपीएमसी एशिया में प्याज का सबसे बड़ा थोक बाजार है, जहां देशभर से प्याज की खरीदी-बिक्री होती है. सोमवार को बाजार में 11,500 क्विंटल प्याज नीलामी के लिए लाया गया था.

लासलगांव में प्याज की कीमतें

  • न्यूनतम: 1,000 रुपये प्रति क्विंटल
  • अधिकतम: 2,201 रुपये प्रति क्विंटल
  • औसत कीमत: 1,800 रुपये प्रति क्विंटल

लाल प्याज की कीमतें

  • न्यूनतम: 800 रुपये प्रति क्विंटल
  • अधिकतम: 2,005 रुपये प्रति क्विंटल
  • औसत कीमत: 1,700 रुपये प्रति क्विंटल

पिछले सप्ताह प्याज की कीमतें 2,250 रुपये से 2,300 रुपये प्रति क्विंटल थीं, लेकिन हाल ही में आई गिरावट से किसानों में असंतोष बढ़ गया.

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सरकार की प्रतिक्रिया और समाधान

किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने उनकी समस्याओं पर विचार करने का आश्वासन दिया. इस भरोसे के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और नीलामी प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई.

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By Kumarvishwat sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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