Old Pension Scheme: इन राज्यों में पुरानी पेंशन योजना लागू, सरकार ने दी बड़ी जानकारी

Old Pension Scheme वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी गयी है.

Old Pension Scheme को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ी जानकारी दी है. सरकार ने बताया कि देश के पांच राज्यों में पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी है. वित्त मंत्रालय ने संसद में बताया कि पांच राज्यों की सरकारों ने केंद्र को पुरानी पेंशन योजना को फिर से अपनाने के अपने फैसले के बारे में अवगत करा दिया है.

इन पांच राज्यों में पुरानी पेंशन योजना लागू

वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में जानकारी देते हुए बताया, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी गयी है. उन्होंने बताया कि इन पांच राज्यों ने केंद्र सरकार/पेंशन निधि नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) को अपने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) फिर से शुरू करने के फैसले के बारे में बता दिया है. कराड ने यह भी कहा कि पीएफआरडीए अधिनियम के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत ग्राहकों की संचित राशि अर्थात एनपीएस में सरकार और कर्मचारियों का योगदान, राज्य सरकार को वापस किया जा सकता है.

बीजू जनता दल के सांसद भर्तृहरि महताब ने सरकार ने पुरान पेंशन योजना पर मांगी जानकारी

दरअसल बीजू जनता दल के सांसद भर्तृहरि महताब ने केंद्र सरकार से पुरानी पेंशन योजना सहित पांच सवाल पूछे और उत्तर मांगा. उन्होंने सरकार से पूछा, क्या वित्त मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि

(क) क्या देश के कतिपय राज्यों में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) कार्यान्वित की जा रही है.

(ख) यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और इस पर सरकार की कया प्रतिक्रिया है.

(ग) क्‍या ओपीएस का राज्य सरकार के राजकोष पर प्रभाव पड़ने की संभावना है.

(घ) क्या ओपीएस के कारण अतिरिक्त वित्तीय भार से राज्य सरकारों के कर्ज में वृद्धि होने की संभावना है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और इस पर सरकार की कया प्रतिक्रिया है.

(ङ ) पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा इस संबंध में क्या कदम उठाए गए हैं?

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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