Ola Electric Battery : अब दूसरी कंपनियों को भी बैटरी सप्लाई करेगी ओला, गीगाफैक्ट्री की क्षमता दोगुनी करने की तैयारी

Ola Electric Battery : ओला इलेक्ट्रिक का बड़ा दांव! अब सिर्फ स्कूटर ही नहीं, बल्कि अन्य ऑटो कंपनियों को भी बैटरी और लिथियम-आयन सेल सप्लाई करेगी ओला. जानिए कृष्णागिरी गीगाफैक्ट्री का विस्तार प्लान और शेयर का हाल.

Ola Electric Battery : भाविश अग्रवाल के नेतृत्व वाली देश की बड़ी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) अब एक बहुत बड़ा बिजनेस विस्तार करने जा रही है.

समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) के मुताबिक, ओला इलेक्ट्रिक अब सिर्फ अपने स्कूटर्स और बाइक्स के लिए ही नहीं, बल्कि देश-विदेश की अन्य वाहन निर्माता (Automobile) कंपनियों को भी लिथियम-आयन सेल (Lithium-ion Cells) और बैटरी पैक सप्लाई करने के लिए बातचीत कर रही है.

कंपनी इसके लिए अपनी इन-हाउस तकनीक ‘4680 भारत सेल’ (Bharat Cell) का इस्तेमाल कर रही है. इसका निर्माण तमिलनाडु के कृष्णागिरी में स्थित ओला की गीगाफैक्ट्री में किया जा रहा है.

क्या है ओला का ‘गीगाफैक्ट्री’ विस्तार प्लान ?

ओला इलेक्ट्रिक का लक्ष्य खुद को सिर्फ एक टू-व्हीलर कंपनी से बदलकर एक बड़ा कंपोनेंट और एनर्जी सप्लायर बनाना है. वर्तमान में ओला की गीगाफैक्ट्री की क्षमता 6 गीगावाट-आर (GWh) है, जहां लिथियम-आयन बैटरियों का कमर्शियल प्रोडक्शन हो रहा है. कंपनी का प्लान जुलाई 2027 तक इस क्षमता को बढ़ाकर 12 GWh और वित्त वर्ष 2028 के अंत तक इसे 20 GWh करने का है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओला अपनी कुल 20 GWh क्षमता का करीब एक-तिहाई (33%) हिस्सा दूसरी ऑटोमोबाइल कंपनियों (OEMs) को बेचने के लिए सुरक्षित रख रही है. कई संभावित ग्राहक फिलहाल ओला के प्लांट और सेल्स का मूल्यांकन कर रहे हैं. इसके अलावा, ओला अपने इस लिथियम-आयन सेल तकनीक का इस्तेमाल घरों के लिए बनाए गए ‘ओला शक्ति’ (Ola Shakti) होम एनर्जी स्टोरेज सिस्टम में भी करेगी.

₹5,300 करोड़ का भारी-भरकम निवेश

ओला इलेक्ट्रिक ने फरवरी 2026 में ही यह साफ कर दिया था कि उसका पूरा ध्यान मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस बैटरी टेक्नोलॉजी, सेल और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर है. कंपनी ने इस पूरे सेगमेंट को मजबूत करने के लिए करीब ₹5,300 करोड़ का निवेश किया है.

ओला को केंद्र सरकार की आगामी ‘EV पॉलिसी 2.0’ से भी बड़ा सपोर्ट मिलने की उम्मीद है. यदि यह पॉलिसी मंजूर होती है, तो वित्त वर्ष 2028-29 की शुरुआत से दिल्ली (NCT) में केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का ही रजिस्ट्रेशन हो सकेगा, जिससे ओला की डिमांड काफी बढ़ सकती है. वाहनों के रजिस्ट्रेशन (Vahan Data) की बात करें, तो अप्रैल 2026 में ओला की गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन 20% बढ़कर 12,116 यूनिट रहा, जो मार्च 2026 में 10,133 यूनिट था.

शेयर बाजार में ओला इलेक्ट्रिक का हाल

गुरूवार (14 मई) के कारोबारी सत्र के बाद ओला इलेक्ट्रिक का शेयर एनएसई (NSE) पर मामूली 0.06% की गिरावट के साथ ₹36 पर फ्लैट बंद हुआ.

समय सीमाशेयरों का प्रदर्शन (Trend)
पिछले 1 साल मेंकरीब 30% की गिरावट
साल 2026 में अब तक4% की गिरावट
पिछले 1 महीने में5.8% की गिरावट
पिछले 5 ट्रेडिंग सेशन्स में2.6% की बढ़त

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Published by: Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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