Oil Price Today: इंटरनेशनल मार्केट में बुधवार, 24 जून को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड 76 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड भी 73 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गया. इन्वेस्टर्स की नजर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सुलह की बातचीत और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सामान्य होती तेल आपूर्ति पर टिकी हुई है.
क्यों गिर रहे हैं तेल के दाम?
तेल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है. इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती बातचीत और युद्ध जैसे हालात में कमी है.
मुख्य कारण:
- अमेरिका ने ईरान को 60 दिनों की प्रतिबंध राहत दी है.
- दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर बातचीत जारी है.
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे शुरू हो रही है.
- बाजार को उम्मीद है कि तेल की सप्लाई जल्द सामान्य हो जाएगी.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इतना अहम क्यों है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. ग्लोबल ऑयल और LNG सप्लाई का करीब 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. युद्ध के दौरान यह मार्ग कई महीनों तक प्रभावित रहा, जिससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भारी उथल-पुथल देखने को मिली थी.
अभी तेल बाजार की स्थिति क्या है?
बुधवार सुबह ब्रेंट क्रूड करीब 76 डॉलर प्रति बैरल और WTI करीब 73 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. यह स्तर पिछले तीन से चार महीनों के सबसे निचले स्तरों में शामिल है. एक्स्पर्ट्स का मानना है कि यदि शांति वार्ता सफल रहती है और तेल निर्यात पूरी तरह सामान्य हो जाता है, तो कीमतों पर और दबाव बन सकता है.
आगे क्या देख रहे हैं इन्वेस्टर्स?
फिलहाल बाजार की नजर अगले 60 दिनों पर है. इसी अवधि में अमेरिका और ईरान को अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ना है.
इन्वेस्टर्स इन बातों पर नजर बनाए हुए हैं:
- शांति समझौता कब अंतिम रूप लेता है.
- ईरान में परमाणु निरीक्षण को लेकर क्या फैसला होता है.
- होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति कितनी तेजी से सामान्य होती है.
- पश्चिम एशिया में अन्य संघर्षों का क्या असर पड़ता है.
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