आईपीओ की दहलीज पर एनएसई, सीईओ ने तिरुपति जाकर शेयरहोल्डर्स के लिए मांगी दुआ
NSE IPO: एनएसई आईपीओ को लेकर उम्मीदें तेज हो गई हैं. सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय के सकारात्मक संकेतों के बीच एनएसई के एमडी और सीईओ आशीष चौहान तिरुपति मंदिर पहुंचे और शेयरहोल्डर्स, सदस्यों व कैपिटल मार्केट इकोसिस्टम के लिए प्रार्थना की. वर्षों से अटका एनएसई आईपीओ सह-स्थान विवाद के कारण रुका रहा था, लेकिन 2024 में जुर्माना चुकाने के बाद प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई. अब इसे भारतीय पूंजी बाजार का बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है.
NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आईपीओ को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म होने के करीब नजर आ रहा है. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय की ओर से आईपीओ को मंजूरी देने के सकारात्मक संकेत मिलने के बाद रविवार को एनएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान अपने परिवार के साथ तिरुपति मंदिर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर से एनएसई के शेयरहोल्डर्स, सदस्यों और पूरे कैपिटल मार्केट इकोसिस्टम के लिए प्रार्थना की.
आईपीओ मंजूरी को लेकर बढ़ी उम्मीद
यह दौरा सेबी चेयरमैन की ओर से शनिवार को दिए गए संकेत के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि नियामक संस्था एनएसई आईपीओ के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के बहुत एडवांस स्टेज में है. उन्होंने संकेत दिया था कि यह मंजूरी इसी महीने के भीतर दी जा सकती है. हालांकि, इसके लिए कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई. इस बयान के बाद बाजार और निवेशक जगत में यह उम्मीद और मजबूत हो गई है कि वर्षों से अटका एनएसई आईपीओ जल्द हकीकत बन सकता है.
कई वर्षों से अटका है एनएसई का आईपीओ
एनएसई भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज होने के बावजूद अब तक सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध नहीं हो पाया है. एक्सचेंज ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया था. हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद सह-स्थान (को-लोकेशन) विवाद और उससे जुड़े कॉरपोरेट गवर्नेंस के गंभीर आरोप सामने आ गए. इन मामलों में आरोप लगा कि कुछ हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स को ट्रेडिंग सिस्टम तक अनुचित और प्राथमिकता वाला एक्सेस दिया गया.
विवादों के चलते ठप पड़ी प्रक्रिया
इन आरोपों के बाद सेबी ने विस्तृत जांच शुरू की, जिसके चलते एनएसई का आईपीओ पूरी तरह ठप पड़ गया. नियामकीय जांच में एक्सचेंज के सिस्टम, नेटवर्क आर्किटेक्चर और शीर्ष प्रबंधन की भूमिका को लेकर कई सवाल उठे. इसी वजह से भारत के कैपिटल मार्केट इतिहास का यह सबसे चर्चित आईपीओ कई वर्षों तक फाइलों में ही अटका रहा.
2024 में फिर शुरू हुई प्रक्रिया
कई साल की देरी के बाद एनएसई ने अगस्त 2024 में एक बार फिर से आईपीओ प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सेबी से एनओसी के लिए आवेदन किया. इसके बाद अक्टूबर 2024 में एनएसई ने ट्रेडिंग एक्सेस प्वाइंट (टीएपी) आर्किटेक्चर और नेटवर्क कनेक्टिविटी से जुड़े मामले में 643 करोड़ रुपये का जुर्माना अदा कर सेबी के साथ विवाद का निपटारा किया. यह जुर्माना कथित खामियों और हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स को मिले अनुचित लाभ से जुड़े मामलों में लगाया गया था.
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कैपिटल मार्केट के लिए बड़ा मील का पत्थर
अब जबकि सेबी की ओर से सकारात्मक संकेत मिल चुके हैं, एनएसई का आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है. एनएसई सीईओ की तिरुपति यात्रा को इसी बड़े मोड़ से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां उन्होंने आधिकारिक प्रक्रिया के साथ-साथ आस्था के माध्यम से भी शेयरहोल्डर्स और बाजार के भविष्य के लिए कामना की.
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