NSE IPO: भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज, National Stock Exchange (NSE) का सालों से इंतजार किया जा रहा IPO अब हकीकत बनने के करीब है. गुरुवार को NSE ने अपने पब्लिक इश्यू के लिए मर्चेंट बैंकर्स, लॉ फर्म्स और अन्य सलाहकारों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली है. SEBI की हरी झंडी मिलने के बाद अब माना जा रहा है कि अगले 7 से 8 महीनों में यह IPO बाजार में दस्तक दे सकता है.
कौन-कौन सी बड़ी कंपनियां शामिल हैं?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, NSE ने इस मेगा IPO को सफल बनाने के लिए 20 मर्चेंट बैंकर्स की एक भारी-भरकम टीम चुनी है. इसमें कोटक महिंद्रा, जेएम फाइनेंशियल, एक्सिस कैपिटल, और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज जैसे घरेलू दिग्गजों के साथ-साथ मॉर्गन स्टेनली, सिटीग्रुप और जेपी मॉर्गन जैसे विदेशी नाम भी शामिल हैं. इनके अलावा 8 लॉ फर्म्स जैसे सिरिल अमरचंद मंगलदास और खेतान एंड कंपनी कानूनी बारीकियों और डॉक्यूमेंटेशन का काम संभालेंगी.
आखिर क्यों हुई इस IPO में इतनी देरी?
आप सोच रहे होंगे कि NSE को लिस्ट होने में इतना वक्त क्यों लगा? दरअसल, NSE ने सबसे पहले 2016 में अपनी अर्जी (DRHP) दाखिल की थी. लेकिन ‘को-लोकेशन स्कैम’ (एल्गोरिथमिक ट्रेडिंग में कुछ लोगों को गलत तरीके से पहले एक्सेस देने का आरोप) और अन्य रेगुलेटरी चुनौतियों के कारण मामला सालों तक अटका रहा. अब उन रुकावटों को पार कर NSE फिर से मैदान में है.
आगे का रास्ता क्या है?
अब ये सभी नियुक्त सलाहकार मिलकर Draft Red Herring Prospectus (DRHP) तैयार करेंगे. यह एक तरह का कच्चा चिट्ठा होता है जिसमें कंपनी की पूरी जानकारी होती है. अगले कुछ महीनों में कागजी कार्रवाई, मार्केटिंग और ड्यू डिलिजेंस का काम पूरा किया जाएगा. अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा, तो निवेशक जल्द ही देश के सबसे बड़े एक्सचेंज में हिस्सेदारी खरीद सकेंगे.
निवेशकों के लिए क्या है खास?
NSE का IPO भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे चर्चित इश्यू में से एक होने वाला है. मर्चेंट बैंकर्स की इतनी बड़ी लिस्ट दिखाती है कि एक्सचेंज इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता. यह न केवल एक्सचेंज के लिए, बल्कि उन हजारों निवेशकों के लिए भी बड़ा मौका है जो सालों से इसके लिस्ट होने का इंतजार कर रहे हैं.
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