अब बच्चे भी बनेंगे करोड़पति, ₹1000 सालाना से करें शुरुआत इस सरकारी योजना के साथ

NPS Vatsalya Scheme एक विशेष पेंशन योजना है जिसे नाबालिग बच्चों के लिए तैयार किया गया है. इसे जुलाई 2024 में लॉन्च किया गया. इस योजना के तहत माता-पिता या अभिभावक अपने बच्चे के नाम से एक PRAN (Permanent Retirement Account Number) खोल सकते हैं.

NPS Vatsalya Scheme: अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे का भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित हो, तो उसकी शुरुआत आज से ही होनी चाहिए. भारत सरकार ने बच्चों के लिए बचत और पेंशन की आदत डालने हेतु NPS वत्सल्य योजना शुरू की है, जो कई तरह से लाभकारी है.

क्या है NPS वत्सल्य योजना?

NPS वत्सल्य एक विशेष पेंशन योजना है जिसे नाबालिग बच्चों के लिए तैयार किया गया है. इसे जुलाई 2024 में लॉन्च किया गया. इस योजना के तहत माता-पिता या अभिभावक अपने बच्चे के नाम से एक PRAN (Permanent Retirement Account Number) खोल सकते हैं. इस खाते में की गई धनराशि को विभिन्न परिसंपत्तियों (assets) जैसे कि गवर्नमेंट बॉन्ड्स, इक्विटी आदि में निवेश किया जाता है जिससे लंबी अवधि में कंपाउंडिंग के जरिए फंड बड़ा बनता है.

बचपन से आदत, बुढ़ापे तक सुरक्षा

इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बचत की आदत डालना और उनके लिए दीर्घकालीन वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है. जैसे-जैसे निवेश बढ़ता है, बच्चे के भविष्य के लिए एक मजबूत फाइनेंशियल बैकअप तैयार होता है.

निवेश कितना और कैसे?

  • न्यूनतम निवेश: ₹1,000 सालाना
  • अधिकतम निवेश: कोई सीमा नहीं
  • योग्यता: 0 से 18 वर्ष तक के बच्चे
  • खाता माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा खोला जा सकता है
  • इसमें निवेश करना सभी वर्गों के परिवारों के लिए संभव है, और जिनके पास अधिक संसाधन हैं वे ज़्यादा निवेश कर सकते हैं।

क्या मिलेगा लाभ?

इस योजना में 9.15% से 10% तक का वार्षिक औसत रिटर्न मिल सकता है. यह रिटर्न लंबी अवधि के निवेश और बाजार से जुड़े परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है. उदाहरण के लिए अगर कोई माता-पिता अपने 3 साल के बच्चे के लिए हर महीने ₹15,000 जमा करते हैं और 15 साल तक यह प्रक्रिया जारी रखते हैं, तो जब बच्चा 18 साल का होगा, उसके खाते में लगभग ₹60.24 लाख जमा हो चुके होंगे (10% औसत रिटर्न मानते हुए).

मुश्किल समय में भी काम आए

अगर किसी कारणवश माता-पिता की मृत्यु हो जाती है या परिवार पर आर्थिक संकट आ जाता है, तब भी वत्सल्य योजना में जमा राशि बच्चे के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है इसके अतिरिक्त, योजना में कुछ शर्तों के साथ निकासी (Partial Withdrawal) की भी सुविधा है. 25% तक की निकासी शिक्षा या आपात स्थिति के लिए संभव है और योजना के तहत निवेश राशि पर धारा 80C और 10(10D) के अंतर्गत टैक्स छूट भी मिलती है.

शिक्षा, रिटायरमेंट या मेडिकल – हर जरूरत में काम आए

यह योजना न केवल बच्चे की उच्च शिक्षा में सहायक है, बल्कि भविष्य में रिटायरमेंट, स्वास्थ्य व्यय या किसी भी अनपेक्षित परिस्थिति में यह एक भरोसेमंद सहारा बन सकती है।

क्यों अपनाएं NPS वत्सल्य?

  • सरकार समर्थित और सुरक्षित योजना
  • कंपाउंडिंग से धन में जबरदस्त वृद्धि
  • शिक्षा, शादी, या रिटायरमेंट – हर लक्ष्य के लिए उपयुक्त
  • सीमित निवेश में बड़ा लाभ
  • टैक्स में छूट और आंशिक निकासी की सुविधा

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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