Noel Tata: इस देश का नागरिक नहीं है नोएल टाटा, जानें वजह

Noel Tata: रतन टाटा के निधन के बाद, नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है. नोएल, रतन टाटा के सौतेले भाई हैं और उनके नेतृत्व में अब टाटा समूह की चैरिटेबल संस्थाओं का संचालन होगा. वे ट्रेंट और टाटा इंटरनेशनल सहित कई व्यवसायिक इकाइयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं.

Noel Tata: रतन टाटा के निधन के बाद टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन के रूप में नोएल टाटा की नियुक्ति की गई है. नोएल, रतन टाटा के सौतेले भाई हैं, और यह निर्णय टाटा ट्रस्ट के बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया. नोएल टाटा अब टाटा समूह की चैरिटेबल संस्थाओं का नेतृत्व करेंगे, जो रतन टाटा की छत्रछाया में विकसित हुईं. टाटा ट्रस्ट का टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा सन्स में 66% हिस्सेदारी है, और समूह की गतिविधियों को संचालित करने में इसकी अहम भूमिका है.

नोएल टाटा का पारिवारिक और शैक्षिक पृष्ठभूमि

नोएल टाटा का जन्म 1957 में मुंबई में हुआ था. उनके पिता नवल टाटा और मां सिमोन टाटा थीं, जबकि रतन टाटा उनके सौतेले भाई हैं. रतन टाटा नवल टाटा की पहली पत्नी सूनी कमिसारियट के बेटे थे, जबकि नोएल की मां सिमोन टाटा स्विस मूल की एक सफल व्यवसायी थीं. नोएल टाटा ने इंग्लैंड के ससेक्स यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और फ्रांस के INSEAD बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम पूरा किया. उनके पास आयरलैंड की नागरिकता भी है, जो उनके परिवार के अंतरराष्ट्रीय संबंधों के कारण है. हालांकि, उनका अधिकांश कार्य भारत में ही केंद्रित रहा है.

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व्यावसायिक यात्रा: ट्रेंट से लेकर टाटा इंटरनेशनल तक

नोएल टाटा की व्यावसायिक यात्रा की शुरुआत नेस्ले से हुई, जहां उन्होंने यूके में काम किया. इसके बाद उन्होंने टाटा समूह की खुदरा शाखा ट्रेंट का नेतृत्व किया. ट्रेंट की बागडोर संभालने के बाद, नोएल ने इसे एक सिंगल स्टोर से बढ़ाकर 700 से अधिक आउटलेट्स वाली एक विशाल श्रृंखला में बदल दिया. इसके साथ ही, उन्होंने टाटा इंटरनेशनल और टाटा समूह के अन्य महत्वपूर्ण वेंचर्स में भी अहम भूमिका निभाई.

नोएल की रणनीति ने खुदरा क्षेत्र में विस्तार के दौरान लाभप्रदता पर जोर दिया.उन्होंने सुनिश्चित किया कि प्रत्येक नया स्टोर वित्तीय दृष्टि से व्यवहारिक हो, जो उनकी व्यवसायिक सूझबूझ का परिचायक है. उनके नेतृत्व में ट्रेंट लिमिटेड ने आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूती से आगे बढ़ा.

निजी जीवन और परिवार

नोएल टाटा का विवाह शापूरजी पालोनजी समूह के दिवंगत अध्यक्ष पालोनजी मिस्त्री की बेटी अलू मिस्त्री से हुआ है. इस विवाह ने टाटा समूह और शापूरजी पालोनजी समूह के बीच संबंधों को और मजबूत किया. उनके तीन बच्चे हैं—लिआ, माया और नेविल.

लिआ, उनकी सबसे बड़ी बेटी हैं, जिन्होंने स्पेन में मार्केटिंग की पढ़ाई की और ताज होटल में असिस्टेंट सेल्स एग्जीक्यूटिव के तौर पर अपना करियर शुरू किया. माया टाटा ऑपर्च्युनिटीज फंड में काम कर चुकी हैं और वर्तमान में टाटा डिजिटल में कार्यरत हैं. नेविल ट्रेंट और रिटेल चेन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. नेविल का विवाह मानसी किर्लोस्कर से हुआ है, जो किर्लोस्कर टेक्नोलॉजीज की निदेशक हैं.

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नोएल टाटा के शौक और व्यक्तित्व

नोएल टाटा को पढ़ने और यात्रा करने का बेहद शौक है. वह नई संस्कृतियों और अनुभवों को जानने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं. इसके अलावा, उन्हें तेज गति से गाड़ी चलाने का भी शौक है.

नई भूमिका में नोएल टाटा

टाटा ट्रस्ट के नए अध्यक्ष के रूप में, नोएल टाटा से अपेक्षा की जा रही है कि वे परिवार की परोपकार और सामुदायिक विकास की प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाएंगे. रतन टाटा ने ट्रस्ट की नींव को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई थी, और अब नोएल टाटा के नेतृत्व में इसे और अधिक ऊंचाइयों पर पहुंचने की उम्मीद है.

नोएल टाटा का जीवन, उनका अनुभव और उनके नेतृत्व गुण उन्हें टाटा ट्रस्ट के लिए एक उपयुक्त चेयरमैन बनाते हैं, जो सामाजिक जिम्मेदारी और समुदाय के विकास की दिशा में उनके समर्पण को और सुदृढ़ करेगा.

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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