Google Pay, Paytm की तरह अब झारखंड के गांवों में सेवा दे रहा Vedant Pay, यूपीआई भी लांच करेगी कंपनी

भारत में डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ रहा है. झारखंड भी इसमें अपना योगदान दे रहा है. आईपीओ (IPO) लाने वाली झारखंड की पहली कंपनी वेदांत एसेट मैनेजमेंट (Vedant Asset Management) भारत सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को गति देने में अपनी भूमिका निभा रहा है.

भारत में डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ रहा है. झारखंड भी इसमें अपना योगदान दे रहा है. आईपीओ (IPO) लाने वाली झारखंड की पहली कंपनी वेदांत एसेट मैनेजमेंट (Vedant Asset Management) भारत सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को गति देने में अपनी भूमिका निभा रहा है. डिजिटल भारत, बढ़ता भारत के ध्येय वाक्य के साथ कंपनी ने गांवों में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए वेदांत पे (Vedant Pay) लांच किया है. वेदांत पे बाजार में उपलब्ध गूगल पे (Google Pay), पेटीएम (Paytm), भीम ऐप (Bhim App) या अन्य ऐप की तरह ही काम करता है.

नये जमाने का डिजिटल प्लेटफॉर्म वेदांत पे (Vedant Pay)

वेदांत एसेट मैनेजमेंट के प्रमुख ललित त्रिपाठी ने बताया कि वेदांत पे नये जमाने का डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो अपने ग्राहकों को कई सुविधाएं देता है. यह लोगों को भुगतान की नयी डिजिटल क्रांति में शामिल होने का अवसर भी देता है. श्री त्रिपाठी ने बताया कि उनका फोकस गांवों में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना है. इस प्लेफॉर्म पर यूजर्स को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी.

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बैंकिंग को आसान बना देगा वेदांत पे : ललित त्रिपाठी का दावा

ललित त्रिपाठी ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म अपने यूजर्स की बैंकिंग भी आसान बना देगा. वेदांत पे का इस्तेमाल करने वाले लोग बैंक अकाउंट में जमा राशि यानी बैलेंस का पता कर सकेंगे. उन्हें कई तरह के बिल का भुगतान करने की सुविधा भी यहां मिलेगी. इतना नहीं, लोग इसकी मदद से रीचार्ज भी कर पायेंगे.

वेदांत पे अपने यूजर्स को देता है कई सुविधाएं

वेदांत पे में कई सुविधाएं हैं, जिसमें एईपीएस, एम-एटीएम, डीएमटी, यूपीआई और बीबीपीएस शामिल हैं. श्री त्रिपाठी ने बताया कि इन्हीं खूबियों की वजह से लांचिंग के पहले दिन ही इसके यूजर्स की संख्या 50 हजार के पार हो गयी. इसके यूजर देश भर में हैं. उन्होंने बताया कि एईपीएस के तहत लोग अपना बैंक बैलेंस जान सकेंगे, नकद राशि की निकासी भी कर सकेंगे. यहां तक कि वेदांत पे की मदद से वे अपना मिनी स्टेटमेंट भी निकाल पायेंगे या देख पायेंगे.

एक बार में 10 हजार रुपये निकाल पायेंगे यूजर

एम-एटीएम के तहत यूजर्स एक बार में 10 हजार रुपये तक निकाल पायेंगे. वेदांत पे से पैसे निकालने या इसकी मदद से अपने अकाउंट में पैसे जमा करने के लिए लोग किसी भी बैंक का डेबिट या क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर सकेंगे. एम-एटीएम की मदद से भी लोग अपना बैंक बैलेंस पता कर सकेंगे.

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दोस्तों और रिश्तेदारों को भी ट्रांसफर कर पायेंगे पैसे

डीएमटी वो सर्विस है, जिसकी मदद से यूजर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को पैसे ट्रांसफर कर पायेंगे. श्री त्रिपाठी ने बताया कि एक बार में यूजर 50 हजार रुपये तक ट्रांसफर कर पायेंगे.

क्यूआर कोड से भी कर सकेंगे पैसे का लेनदेन

वेदांत पे की मदद से लोग क्यूआर कोड (QR Code) से किसी को भी भुगतान कर सकते हैं. फोन में स्टोर किये गये नंबर के जरिये भी बैंक अकाउंट में मनी ट्रांसफर कर पायेंगे. क्यूआर कोड से सिर्फ पैसे ट्रांसफर ही नहीं कर पायेंगे, बल्कि अपने बैंक अकाउंट के क्यूआर कोड से पैसे मंगवा भी पायेंगे.

बिल पेमेंट की भी सुविधा देता है वेदांत पे

बीबीपीएस वेदांत पे की वो सेवा है, जो यूजर्स को बिजल का बिल, पानी का बिल, पोस्टपेड मोबाइल का बिल, प्रीपेड मोबाइल फोन को रीचार्ज करने के साथ-साथ डीटीएच रीचार्ज करने की भी फैसिलिटी देता है. कंपनी का कहना है कि उससे जुड़ने वालों को बैंकएंड आईटी एवं मार्केटिंग सपोर्ट के साथ-साथ यूजर फ्रेंडली टेक्नोलॉजी, नियमित ट्रेनिंग और समर्पित ग्राहक सहायता टीम का भी लाभ मिलेगा.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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