Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज देश का बजट पेश करते हुए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और उद्योगों के लिए खजाना खोल दिया है. इस बजट का सीधा लक्ष्य देश की रफ़्तार बढ़ाना और हर परिवार तक कमाई के मौके पहुँचाना है.
पश्चिम बंगाल को बड़ी सौगात
सरकार ने पश्चिम बंगाल के डानकुनी तक एक नए मालगाड़ी (Freight) कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि माल की ढुलाई तेज़ होगी और बंगाल में नए कारखाने लगाने का रास्ता साफ होगा. साथ ही, केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में खनिज ढोने के लिए भी विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे.
इलाज और टेक्सटाइल पर जोर
- सरकार ₹10,000 करोड़ की लागत से यह योजना शुरू कर रही है. इसके तहत 3 नए बड़े संस्थान खुलेंगे, जिससे दवाइयां सस्ती होंगी और कैंसर-डायबिटीज जैसी बीमारियों का इलाज आसान होगा.
- टेक्सटाइल पार्क: देश में बड़े स्तर पर कपड़ा उद्योग के पार्क बनाए जाएंगे, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है.
मोबाइल और चिप बनाना होगा और सस्ता
अगर आप गैजेट्स के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए है. सरकार ने मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स के कलपुर्जे बनाने के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 रुपए करोड़ कर दिया है. साथ ही सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 भी लॉन्च होगा, जिससे भारत अब दुनिया के लिए चिप बनाने का बड़ा केंद्र बनेगा.
इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च
सरकार ने इस बार बुनियादी ढांचे पर ₹12.2 लाख करोड़ खर्च करने का फैसला किया है. यह पैसा नई सड़कें, रेलवे लाइन और पुल बनाने में लगेगा, जिससे आम आदमी का सफर आसान होगा और देश की अर्थव्यवस्था को रफ़्तार मिलेगी.
इन 6 क्षेत्रों पर रहेगा सरकार का पूरा ध्यान:
- नई मैन्युफैक्चरिंग: देश में ही सामान बनाने की क्षमता बढ़ाना.
- पुराने उद्योग: पुराने कारखानों को फिर से चालू करना.
- MSME (छोटे उद्योग): छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को बड़ी कंपनियों से मुकाबला करने लायक बनाना.
- इंफ्रास्ट्रक्चर: वर्ल्ड क्लास सड़कें और रेल नेटवर्क.
- सुरक्षा: देश की आर्थिक स्थिति को सुरक्षित रखना.
- शहरी विकास: आपके शहर को व्यापार का बड़ा सेंटर बनाना.
बजट में कौशल विकास और आर्थिक रफ़्तार का नया रोडमैप
वित्त मंत्री ने इस बजट के जरिए ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने के लिए तीन मुख्य स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया है. सबसे पहला लक्ष्य ‘रफ्तार’ है, जिसके तहत देश की उत्पादकता बढ़ाकर आर्थिक विकास को नई गति देने की योजना है. दूसरा, ‘क्षमता’ निर्माण के जरिए युवाओं और कार्यबल के कौशल (Skills) को निखारना है ताकि वे वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें. वहीं, तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य ‘सबका साथ’ है, जो यह सुनिश्चित करता है कि विकास का लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहकर हर परिवार और दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचे, जिससे आय के नए अवसर पैदा हों.
सरकार का रिपोर्ट कार्ड
सरकार के रिपोर्ट कार्ड पर नजर डालें तो पिछले 12 वर्षों की आर्थिक स्थिरता भारत की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है. अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव के बावजूद, भारत ने अपनी आत्मनिर्भरता को मजबूत किया है, जिससे विदेशों से आयात पर हमारी निर्भरता काफी कम हुई है. आज भारत लगभग 7 प्रतिशत की ठोस विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है. मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा सुरक्षा में आए सुधारों ने न केवल महंगाई को काबू में रखा है, बल्कि जमीनी स्तर पर गरीबी कम करने में भी निर्णायक भूमिका निभाई है.
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