New Railway Refund Rules 2026: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और टिकटों की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए अपने नियमों में बदलाव किए हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि नए नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग चरणों में लागू किए जाएंगे. इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य उन कालाबाजारी को रोकना है जो पहले से टिकट बुक कर लेते हैं और ग्राहक न मिलने पर अंतिम समय में उन्हें कैंसिल कर रिफंड ले लेते थे. अब रिफंड के स्लैब सख्त होने से आम यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना काफी बढ़ जाएगी.
अब चार्ट बनने के बाद भी बदल सकेंगे स्टेशन
रेलवे ने बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा में बड़ी ढील दी है, जिससे अब यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से महज 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे. पहले यह सुविधा केवल चार्ट तैयार होने से पहले तक ही उपलब्ध थी, लेकिन अब यात्री चार्ट बनने के बाद भी अपनी सुविधा अनुसार नजदीकी स्टेशन से ट्रेन पकड़ने का विकल्प चुन सकते हैं.
यह नियम विशेष रूप से उन बड़े शहरों में रहने वाले लोगों के लिए वरदान साबित होगा जहां एक से अधिक रेलवे स्टेशन हैं और ट्रैफिक की वजह से मुख्य स्टेशन पहुंचना मुश्किल होता है. यात्री IRCTC की वेबसाइट, ऐप या रेलवे काउंटर के जरिए यह बदलाव कर सकते हैं, हालांकि एक बार स्टेशन बदलने के बाद पुराने स्टेशन से ट्रेन पकड़ना संभव नहीं होगा.
टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नए स्लैब
टिकट कैंसिल कराने पर मिलने वाले रिफंड के नियमों को पहले की तुलना में काफी सख्त कर दिया गया है ताकि टिकटों की ‘कॉर्नरिंग’ रोकी जा सके. नए नियमों के तहत, यदि आप ट्रेन छूटने के समय से 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करते हैं, तभी आपको 50% रिफंड मिल पाएगा. पुराने नियमों में यह सुविधा ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले तक उपलब्ध थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है.
48 से 12 घंटे के बीच कैंसिल करने पर 25% रिफंड का नियम भी अब समय सीमा के हिसाब से संशोधित किया जाएगा. हालांकि, वेटिंग और RAC टिकटों के कैंसिलेशन चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है और उन पर पुराने चार्ज (₹20 + GST) ही लागू रहेंगे.
इन परिस्थितियों में मिलेगा पूरा रिफंड
कठोर नियमों के बावजूद, रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष स्थितियों में यात्रियों को उनका पूरा पैसा वापस दिया जाएगा. यदि कोई ट्रेन अपने निर्धारित समय से 3 घंटे से अधिक लेट होती है या पूरी तरह कैंसिल हो जाती है, तो यात्री TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करके शत-प्रतिशत रिफंड का दावा कर सकते हैं.
इसके अलावा, यदि चार्ट बनने के बाद भी आपका टिकट पूरी तरह से वेटिंग लिस्ट में रह जाता है, तो वह सिस्टम द्वारा स्वचालित रूप से कैंसिल कर दिया जाएगा और पूरा पैसा बिना किसी कटौती के यात्री के बैंक खाते में वापस आ जाएगा. यह सुनिश्चित करता है कि रेलवे की परिचालन संबंधी कमियों का खामियाजा यात्रियों को न भुगतना पड़े.
कन्फर्म टिकट कैंसिल करने पर रिफंड के 4 नए नियम
| समय (ट्रेन छूटने से पहले) | रिफंड/चार्ज |
|---|---|
| 72 घंटे से पहले | केवल कैंसिलेशन चार्ज |
| 24 से 72 घंटे | 75% रिफंड |
| 8 से 24 घंटे | 50% रिफंड |
| 8 घंटे से कम | कोई रिफंड नहीं |
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