MP Budget 2023 : 'युवाओं को रोजगार, नशे पर वार', शिवराज ने महिलाओं के लिए भी खोला खजाना

MP Budget Session 2023 in Hindi: बजट में प्रदेश की शिवराज सरकार ने घोषणा की है कि अपने-अपने स्कूल में 12वीं में टॉप करने वाली छात्राओं को ई-स्कूटी दी जाएगी. जानें बजट की खास बातें यहां

MP Budget Session 2023 in Hindi: मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया. मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्षी दल कांग्रेस ने एलपीजी सिलेंडर के दाम में वृद्धि के मुद्दे पर सदन से वॉकआउट किया. मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में कांग्रेस के हंगामे के बीच बजट प्रस्तुत किया. आपको बता दें कि सीएम शिवराज सिंह चौहान सरकार के चौथे कार्यकाल का यह अंतिम बजट है जिससे लोगों को बहुत उम्मीद थी. मध्यप्रदेश का कुल बजट 3.14 लाख करोड़ रुपये का है, जो पिछले साल 2.79 लाख करोड़ रुपये का था. आइए नजर डालते हैं बजट की खास बातों पर

-पहली बार मध्य प्रदेश में ई-बजट पेश किया गया.

-मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि हमारी सरकार ने शासकीय सेवा में एक लाख से अधिक नई नियुक्तियां देने का अभियान शुरू किया है.

-2022-23 में हर जिलों में 432 रोजगार मेलों का आयोजन करने की योजना है. इन मेलों में 40 हजार 45 आवेदकों को ऑफर लेटर दिया जाएगा.

-मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, मुद्रा योजना एवं अन्य स्वरोजगार योजनाओं में 46.58 लाख से अधिक आवेदकों को 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण स्वीकृत किया गया है. यही नहीं 200 युवाओं को जापान शिवराज सरकार भेजेगी.

-इंदौर और भोपाल मेट्रो परियोजनाओं के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने 710 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसी साल दोनों शहरों में मेट्रो का ट्रायल करने का प्लान है.

-मुख्यमंत्री कृषक विशाल जन सहायता योजना के अंतर्गत 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

-मुख्यमंत्री गोसेवा योजना के अंतर्गत 3346 गौशालाओं का निर्माण स्वीकृत किया गया है. कृषि संबंधित योजनाओं कुल 53,264 करोड़ रुपये का प्रावधान सरकार की ओर से किया गया है.

-मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि माता के गर्भ पर पोषण की व्यवस्था, प्रसव पर आर्थिक सहायता, कन्या के जन्म पर लाड़ली लक्ष्मी योजना, शिशुओं के पोषण के लिए आंगनबाड़ियां, शिक्षा, पुस्तकें, गणवेश सरकार की ओर से दी जा रही है. वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 929 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है.

-बजट पेश करते हुए देवड़ा ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को रिटायर होने के बाद उनके रिटायरमेंट लाभ जल्द से जल्द मिले, इसके लिए पेंशन नियमों का सरलीकरण करने की तैयारी है.

-अनुकंपा नियुक्ति के लिए परिवार की विवाहित पुत्री को भी पात्रता दी गयी है.

-चिकित्सा प्रतिपूर्ति नियमों को सरल और मान्यता प्राप्त निजी चिकित्सालयों में आयुष्मान योजना की निर्धारित दरों पर इलाज की सुविधा देने का काम शिवराज सरकार ने किया है.

-सरकारी कर्मचारियों को देय भत्तों का सातवें वेतनमान के परिप्रेक्ष्य में पुनरीक्षण करने के लिए समिति गठित की गयी है.

-मध्यप्रदेश सरकार के बजट में किसी नये कर का प्रस्ताव नहीं है.

-बजट में प्रदेश की शिवराज सरकार ने घोषणा की है कि अपने-अपने स्कूल में 12वीं में टॉप करने वाली छात्राओं को ई-स्कूटी दी जाएगी.

-देवड़ा ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना में 44 लाख से अधिक बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं. इस योजना के लिए 2023-24 में 929 करोड़ रुपये आवंटित करने का काम किया गया है.

-नई आबकारी नीति के जरिये नशे की लत को हतोत्साहित करने का फैसला किया गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >