ऑक्सफैम इंडिया के खिलाफ गृह मंत्रालय ने उठाया सख्त कदम, जांच करेगी सीबीआई

आयकर विभाग द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के दौरान कई ईमेल पाए गए, जिनसे पता चला कि ऑक्सफैम इंडिया कथित रूप से एफसीआरए के प्रावधानों को अन्य एफसीआरए-पंजीकृत संघों को फंड भेजकर या लाभकारी परामर्श मार्ग के माध्यम से एफसीआरए के प्रावधानों को दरकिनार करने की योजना बना रहा था.

नई दिल्ली : वैश्विक गरीबी उन्मूलन पर ध्यान केंद्रित करने वाले दुनिया भर के 21 स्वतंत्र धर्मार्थ संगठनों की ब्रिटिश संस्था ऑक्सफ्रैम इंडिया के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो जांच (सीबीआई) करेगा. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को ऑक्सफोर्ड इंडिया नामक गैर-सरकारी संस्था (एनजीओ) के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की है. सूत्रों के हवाले से मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, ऑक्सफैम इंडिया पर विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम-2010 (एफआरसीए-2010) के उल्लंघन के आरोप में सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑक्सफैम इंडिया ने भारत में एफआरसीए लागू होने के बाद भी अलग-अलग संस्थाओं के लिए विदेशी खातों में पैसों को ट्रांसफर करना जारी रखा.

विदेशी खातों में पैसों का ट्रांजेक्शन जारी

सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम-2010 के कथित उल्लंघन के लिए ऑक्सफैम इंडिया के मामलों की सीबीआई जांच की सिफारिश की. गृह मंत्रालय ने पाया कि ऑक्सफैम इंडिया ने एफसीआरए के तहत रजिस्टर्ड होने के बावजूद विभिन्न संस्थाओं को विदेशी खातों में योगदान को ट्रांसफर करना जारी रखा, जो इस तरह के ट्रांसफर को प्रतिबंधित करता है.

आयकर सर्वेक्षण में हुआ खुलासा

सूत्रों ने कहा कि आयकर विभाग द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के दौरान कई ईमेल पाए गए, जिनसे पता चला कि ऑक्सफैम इंडिया कथित रूप से एफसीआरए के प्रावधानों को अन्य एफसीआरए-पंजीकृत संघों को फंड भेजकर या लाभकारी परामर्श मार्ग के माध्यम से एफसीआरए के प्रावधानों को दरकिनार करने की योजना बना रहा था. उन्होंने कहा कि आयकर सर्वेक्षण ने ऑक्सफैम इंडिया को विदेशी संगठनों या संस्थाओं की विदेश नीति के एक संभावित साधन के रूप में उजागर किया, जिन्होंने वर्षों से संगठन को उदारतापूर्वक वित्त पोषित किया है.

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कमीशन के तौर पर सीपीआर को भेजा धन

सूत्रों ने कहा कि सामाजिक गतिविधियों को चलाने के लिए रजिस्टर्ड ऑक्सफैम इंडिया ने कथित तौर पर कमीशन के रूप में अपने सहयोगियों और कर्मचारियों के माध्यम से सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (सीपीआर) को धन भेजा. उन्होंने कहा कि इन्ही खुलासों के बाद गृह मंत्रालय ने ऑक्सफैम इंडिया के मामलों की सीबीआई जांच की सिफारिश की.

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