LIC का आपने नहीं भरा है अभी तक प्रीमियम तो घबराएं नहीं, 15 अप्रैल तक बढ़ा दी गयी है समयसीमा

अगर आपने अभी तक LIC का प्रीमियम अभी तक नहीं भरा है, तो आप घबराएं नहीं. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बढ़ते प्रकोप की वजह से सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी जीवन बीमा निगम (LIC) ने एक बड़ा फैसला किया है.

मुंबई : अगर आपने अभी तक LIC का प्रीमियम अभी तक नहीं भरा है, तो आप घबराएं नहीं. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बढ़ते प्रकोप की वजह से सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी जीवन बीमा निगम (LIC) ने एक बड़ा फैसला किया है. कंपनी ने उन पॉलिसीधारकों के लिए प्रीमियम भरने की आखिरी तारीख बढ़ा दी है, जो वायरस महामारी के चलते प्रीमियम का भुगतान करने में असमर्थ हैं. कंपनी ने प्रीमियम जमा करने की आखिरी तारीख को बढ़ाकर 15 अप्रैल, 2020 तक बढ़ा दी है.

भारतीय जीवनबीमा निगम (LIC) ने एक ट्वीट में कहा कि कोविड-19 के मद्देनजर देश में पैदा हुए विषम परिस्थितियों की वजह से एलआईसी ने अपने पॉलिसीधारकों को प्रीमियम भुगतान में 15 अप्रैल, 2020 तक राहत दी है. यह फैसला उन सभी ग्राहकों के लिए किया गया है, जो किसी वजह से प्रीमियम भुगतान में असमर्थ हैं.

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए ज्यादातर राज्यों ने जब तक बहुत आवश्यक न हो, लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग रखने और यात्रा से परहेज करने का निर्देश जारी किया है. इसके साथ ही, देश के 75 जिलों समेत राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, झारखंड और उत्तराखंड में आगामी 31 मार्च तक लॉकडाउन कर दिया गया है.

इसके अलावा, पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर कल यानी रविवार को सुबह सात बजे से नौ बजे के बीच पूरे देश में ‘जनता कर्फ्यू’ लगा हुआ था. भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 400 हो चुकी है और अब तक करीब सात मरीजों की मौत भी हो चुकी है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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