Photo: पैन आधार लिंक करने की आखिरी तारीख खत्म हो गई, जानिए अब क्या है आपके पास विकल्प

भारत में पैन को आधार से लिंक कराना अनिवार्य है. सरकार की ओर से 31 मार्च आखिरी तारीख निर्धारित की गई थी. इसकी डेडलाइन 30 जून तक बढ़ाए जाने के बाद 1000 रुपये के जुर्माने के साथ पैन को आधार से लिंक कराया जा सकता था, लेकिन इसकी आखिरी तारीख भी खत्म हो चुकी है.

भारत में पैन को आधार से लिंक कराना अनिवार्य है. पैन को आधार से जोड़ने के कई फायदे हैं, लेकिन देश में अब लाखों लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक अपने पैन यानी स्थायी खाता नंबर को आधार से लिंक नहीं कराया है. पैन को आधार से लिंक कराने के लिए सरकार की ओर 30 जून 2023 आखिरी तारीख निर्धारित की गई थी जो अब खत्म हो गई है.

हालांकि, इससे पहले, सरकार की ओर से 31 मार्च आखिरी तारीख निर्धारित की गई थी. इसकी डेडलाइन 30 जून तक बढ़ाए जाने के बाद 1000 रुपये के जुर्माने के साथ पैन को आधार से लिंक कराया जा सकता था, लेकिन इसकी आखिरी तारीख भी खत्म हो चुकी है. ऐसी स्थिति में आपके पास पैन को आधार से जोड़ने का क्या विकल्प बचता है, जबकि अब सभी आधार से लिंक नहीं कराए गए पैन निष्क्रिय कर दिए गए हैं. इसके बाद भी अगर आप पैन का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको 10000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा.

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अनुसार, 30 जून 2023 के बाद निष्क्रिय हो चुके पैन कार्ड को दोबारा एक्टिवेट कराने के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल के जरिये एक हजार रुपये का पेमेंट करना होगा. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस अवधि तक यानी 30 दिन तक पैन निष्क्रिय रहेगा. इसके बाद लगभग एक महीने के बाद दोबारा पैन कार्ड प्रयोग कर पाएंगे, लेकिन जुर्माने के साथ.

जानकारों की मानें, तो पैन और आधार को लिंक नहीं करने के कारण जिन लोगों का पैन कार्ड एक जुलाई से निष्क्रिय हो गया है, उन्हें सबसे बड़ा नुकसान आईटीआर फाइल करने के समय होगा. आईटीआर फाइल करने के लिए आपको पैन की जरूरत पड़ेगी. इसे दोबारा एक्टिवेट करने में 1000 रुपये का भुगतान करना होगा, लेकिन इस प्रक्रिया में कम से कम एक महीने का वक्त लगेगा.

अगर आप पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं करते हैं तो आप कई प्रकार की सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ पाने से वंचित रह जाएंगे. जैसे इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर सकेंगे. आपका टैक्स रिफंड अटक जाएगा. बैंक खाता खोल नहीं पाएंगे. आपको क्रेडिट कार्ड इश्यू नहीं किया जाएगा. आपको म्युचुअल फंड और स्टॉक में निवेश करने में परेशानी होगी.

पैन-आधार से लिंकिंग को अगर चेक करना है तो सबसे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in/iec/foportal/ पर जायें. इसके बाद लिंक सेक्शन में आपको लिंक का ऑप्शन मिलेगा उसे चुनें. अपना पैन और आधार कार्ड नंबर दर्ज करें.व्यू लिंक आधार स्टेटस, विकल्प पर क्लिक करें. स्क्रीन आपको पैन-आधार लिंक की स्थिति दिखाएगी.

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Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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