Budget: श्रमिक संगठनों ने सरकार से की OPS लागू करने की मांग, टैक्स में भी मिले छूट

Budget: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में श्रमिक संगठनों ने असंगठित और कृषि क्षेत्र के श्रमिकों सरकार की ओर से गठित किए गए सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना करने की मांग की है. उन्होंने मनरेगा का दायरा बढ़ाने और प्रत्येक परिवार को 200 दिन काम की गारंटी देने की मांग की.

Budget: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जुलाई 2024 के आखिरी सप्ताह में पूर्ण बजट पेश करेंगी. इससे पहले, वह उद्योग जगत, श्रमिक संगठनों आदि से बजटपूर्व बैठक में सुझाव ले रही हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में श्रमिक संगठनों ने पूर्ण बजट में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस), 8वें वेतन आयोग के गठन और टैक्स छूट में बढ़ोतरी करने की मांग की है. श्रमिक संगठनों ने इसके अलावा सरकारी कंपनियों के निजीकरण को रोकने और नई पेंशन योजना (एनपीएस) को बंद करने करने की भी मांग की है.

Budget: सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना की मांग

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ सोमवार को हुई बैठक में श्रमिक संगठनों की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि असंगठित और कृषि क्षेत्र के श्रमिकों सरकार की ओर से गठित किए गए सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना की जानी चाहिए, ताकि उन्हें न्यूनतम 9,000 रुपये प्रति माह पेंशन और अन्य चिकित्सा, शैक्षिक लाभ आदि मिल सकें. उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार के विभागों और सरकारी कंपनियों में सभी मौजूदा रिक्तियों की भर्ती की जानी चाहिए. इसके अलावा, अनुबंध तथा आउटसोर्सिंग की प्रथा को रोकना चाहिए.

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Budget: खाद्य वस्तुओं और दवाओं से हटाई जाए जीएसटी

श्रमिक संगठनों ने आगे कहा कि आवश्यक खाद्य वस्तुओं और दवाओं पर जीएसटी के जरिए आम जनता पर बोझ डालने की जगह कॉरपोरेट टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स में वृद्धि और विरासत टैक्स को लागू करना चाहिए. बैठक में इंटक, एआईटीयूसी, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी और यूटीयूसी सहित 12 श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने अलग से अपनी मांग के साथ एक ज्ञापन सौंपा. उन्होंने मनरेगा का दायरा बढ़ाने और प्रत्येक परिवार को 200 दिन काम की गारंटी देने की मांग की. कृषि और उससे संबद्ध क्षेत्रों के कार्य को मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) से जोड़ने की बात भी कही गई है. श्रमिक संगठना ने आयुष्मान भारत योजना के मानदंडों को 1.20 लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये करने की भी मांग की है.
पीटीआई इनपुट

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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