KCC Loan: खेती की जमीन है लेकिन KCC नहीं बना? जानें किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के 7 बड़े फायदे

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाने के कई फायदे हैं. अगर आपके पास खेती की ज़मीन है, तो आप ₹5 लाख तक का लोन, 4% ब्याज दर पर और ₹2 लाख तक बिना किसी गारंटी के पा सकते हैं.

अगर आपके पास खेती की जमीन है और अभी तक किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) नहीं बनवाया है, तो इसके फायदे जानना आपके लिए जरूरी है. KCC किसानों को खेती और उससे जुड़ी जरूरतों के लिए समय पर बैंक से कर्ज लेने की सुविधा देता है. सरकार ने हाल के वर्षों में KCC के जरिए किसानों को मिलने वाले कर्ज की पहुंच और सीमा बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं.

खेती के खर्च के लिए आसानी से मिल सकता है कर्ज

KCC का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान को खेती के लिए बीज, खाद, कीटनाशक और दूसरी जरूरी चीजें खरीदने के लिए पैसों की जरूरत पड़ने पर बैंकिंग सिस्टम से कर्ज मिल सकता है. इसका इस्तेमाल फसल उगाने के अलावा कटाई के बाद के खर्च और फसल बेचने से जुड़े खर्च में भी किया जा सकता है.

ब्याज दर पर भी मिलती है राहत

KCC के तहत पात्र किसानों को Modified Interest Subvention Scheme (MISS) के तहत शॉर्ट टर्म कृषि कर्ज 7% की रियायती ब्याज दर पर मिल सकता है. समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को 3% अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलता है, जिससे प्रभावी ब्याज दर 4% तक हो सकती है.

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KCC की सीमा अब ₹5 लाख तक

सरकार ने MISS के तहत KCC से मिलने वाले कर्ज की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की है. हालांकि वास्तविक स्वीकृत राशि किसान की पात्रता, खेती और बैंक के आकलन पर निर्भर करती है.

₹2 लाख तक कर्ज पर गारंटी की जरूरत नहीं

किसानों के लिए एक और अहम फायदा यह है कि 1 जनवरी 2025 से शॉर्ट टर्म कृषि कर्ज में बिना गारंटी (Collateral-free) कर्ज की सीमा बढ़ाकर ₹2 लाख प्रति व्यक्ति कर दी गई है. यानी पात्र किसान इस सीमा तक कर्ज के लिए जमीन या दूसरी संपत्ति को गारंटी के तौर पर लगाने से बच सकता है.

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KCC बनवाने से पहले यह समझें

सिर्फ खेती की जमीन होना अपने आप में तय कर्ज राशि या मंजूरी की गारंटी नहीं है. बैंक किसान की पात्रता, जमीन/फसल से जुड़ी जानकारी और अन्य जरूरी दस्तावेजों के आधार पर KCC की सीमा तय करता है. इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित बैंक या कृषि विभाग से मौजूदा नियम और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी लेना बेहतर है.

वहीं, KCC का इस्तेमाल खेती के अलावा पशुपालन, डेयरी और मछली पालन जैसी गतिविधियों की कार्यशील पूंजी की जरूरत पूरी करने के लिए भी किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

By दीपक कुमार गुप्ता

दीपक कुमार गुप्ता 'प्रभात खबर डिजिटल' में कंटेंट राइटर हैं. इससे पहले वे 'ईटीवी भारत' में करीब ढाई साल तक कार्यरत रहे. इन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता की पढ़ाई की है. 2021 से वे पत्रकारिता से जुड़े हैं और इस दौरान 'न्यूज प्लस', 'अंतर्कथा विजन न्यूज' और 'पब्लिक ऐप' के साथ भी काम कर चुके हैं.

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