कर्नाटक में PUC टेस्ट हुआ महंगा, जानिए दोपहिया और चार पहिया वाहनों के नए रेट

कर्नाटक सरकार ने गाड़ियों के प्रदूषण नियंत्रण (PUC) जांच शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला किया है. अब राज्य में दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों का प्रदूषण टेस्ट कराने के लिए जेब ढीली करनी पड़ेगी.

परिवहन एवं सड़क सुरक्षा आयुक्त ने कर्नाटक पलूशन टेस्टिंग सेंटर ओनर्स एसोसिएशन के आवेदन के बाद इसका प्रस्ताव भेजा था. एसोसिएशन का तर्क था कि हाल के दिनों में जांच केंद्रों का किराया, बिजली का बिल, कर्मचारियों का वेतन, उपकरण रखरखाव, इंटरनेट सुविधा और प्रिंटर कार्ट्रिज जैसे दैनिक परिचालन खर्च काफी बढ़ गए हैं. इसके बाद सरकार ने कर्नाटक मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 231-बी(13) के तहत शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 13 अगस्त को यह आदेश जारी किया. बढ़े हुए रेट केवल उन्हीं प्रदूषण जांच केंद्रों पर लागू होगा जो पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत प्रणाली से लैस हैं.

किस वाहन के लिए कितना लगेगा शुल्क

दोपहिया और तिपहिया वाहन: अब 80 रुपये देने होंगे (पहले दोपहिया के लिए 65 रुपये और तिपहिया के लिए 75 रुपये का शुल्क था). पेट्रोल, एलपीजी और सीएनजी चार पहिया वाहन: शुल्क 115 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये कर दिया गया है. डीजल चालित चार पहिया वाहन: इसके लिए अब 160 रुपये की जगह 200 रुपये का भुगतान करना होगा.

फैसले पर सियासत तेज, भाजपा ने साधा निशाना

पीयूसी शुल्क में बढ़ोतरी को लेकर राज्य में राजनीति भी गर्मा गई है. विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि नियम-कानूनों की आड़ में जनता से पैसे ऐंठने का काम बंद होना चाहिए. उन्होंने इस बढ़ोतरी को जनविरोधी करार देते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की है और कहा कि लगातार बढ़ते आर्थिक बोझ से जनता परेशान हो चुकी है.


ये भी पढ़ें: E20 पेट्रोल पर सरकार की सफाई, माइलेज कम होने के पीछे ये चीजें भी जिम्मेदार


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >