क्या आपका भी टैक्स रिफंड अभी तक नहीं आया ? जानें क्यों अटके हैं

ITR Refund Delay: 24 मार्च 2026 तक 27 लाख से ज्यादा ITR प्रोसेसिंग के लिए लंबित हैं. डेटा मिसमैच, ई-वेरिफिकेशन न होना और बैंक अकाउंट की गलत जानकारी रिफंड में देरी की मुख्य वजहें हैं.

ITR Refund Delay: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद हर टैक्सपेयर को अपने रिफंड का बेसब्री से इंतजार रहता है. लेकिन वित्त वर्ष 2025-26 में लाखों लोग ऐसे हैं, जिन्हें महीनों बाद भी अपना पैसा वापस नहीं मिला है. सरकारी आंकड़ों और सिस्टम की बारीकियों से समझते हैं कि आखिर इस देरी की असली वजह क्या है और आपका पैसा कहाँ फंसा हो सकता है.

करोड़ों में से लाखों अभी भी बाकी

आयकर विभाग के ताजा डेटा के मुताबिक, 24 मार्च 2026 तक देश भर में कुल 8,89,20,822 रिटर्न फाइल किए जा चुके हैं. राहत की बात यह है कि इनमें से लगभग 8.77 करोड़ वेरिफाई भी हो चुके हैं. हालांकि, प्रोसेसिंग के मोर्चे पर अभी भी काम बाकी है.

विभाग ने अब तक 8,50,59,270 रिटर्न प्रोसेस किए हैं, जिसका सीधा मतलब है कि करीब 27 लाख से ज्यादा रिटर्न अभी भी पाइपलाइन में हैं. यही वो मुख्य वजह है जिससे रिफंड जारी होने में देरी हो रही है.

डेटा मिसमैच और ई-वेरिफिकेशन की समस्या

रिफंड अटकने के पीछे सबसे बड़ा तकनीकी कारण जानकारी का आपस में न मिलना है.

  • डेटा मिलान (Mismatch): अगर आपके द्वारा भरे गए ITR, आपके AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS की जानकारी में थोड़ा भी अंतर होता है, तो सिस्टम उसे जांच के लिए रोक देता है.
  • ई-वेरिफिकेशन (e-Verification): कई लोग रिटर्न तो भर देते हैं लेकिन उसे ‘वेरिफाई’ करना भूल जाते हैं. बिना वेरिफिकेशन के विभाग आपके केस को आगे नहीं बढ़ाता, जिससे रिफंड की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पाती.

भारी दबाव और जटिल केस

  • सिस्टम पर लोड: अक्सर आखिरी तारीख के आसपास करोड़ों लोग एक साथ रिटर्न फाइल करते हैं. इस भारी ट्रैफिक की वजह से सर्वर और प्रोसेसिंग की रफ्तार धीमी हो जाती है.
  • गहन जांच: जिन टैक्सपेयर्स की कमाई के स्रोत ज्यादा हैं (जैसे कैपिटल गेन, बिजनेस इनकम) या जिनका रिफंड अमाउंट काफी बड़ा है, उनके केस की मैन्युअल और ऑटोमेटेड जांच ज्यादा गहराई से होती है. इस अतिरिक्त जांच में स्वाभाविक रूप से समय ज्यादा लगता है.

बैंक अकाउंट और पैन (PAN) की गलती

कभी-कभी गलती विभाग की नहीं बल्कि हमारी ओर से होती है. अगर आपका बैंक अकाउंट इनकम टैक्स पोर्टल पर ‘Pre-validate’ नहीं है या आपका PAN कार्ड बैंक खाते से लिंक नहीं है, तो रिफंड जारी होने के बावजूद आपके खाते में क्रेडिट नहीं हो पाएगा. बैंक की गलत जानकारी (जैसे गलत IFSC कोड) भी रिफंड में देरी का एक बड़ा कारण बनती है.

ITR प्रोसेसिंग स्टेटस

श्रेणीसंख्या (24 मार्च 2026 तक)
कुल फाइल किए गए रिटर्न8,89,20,822
वेरिफाई किए गए रिटर्न8,77,86,233
प्रोसेस किए गए रिटर्न8,50,59,270
अभी भी लंबित (Pending)~27,26,963

Also Read : शेयर बाजार में तूफानी तेजी,सेंसेक्स 1,205 अंक उछला, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भरा निवेशकों में जोश

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >