IRCTC Ticket Booking: QR कोड से बुक होगी ट्रेन टिकट, नया बुकिंग सिस्टम लॉन्च, जानें कैसे करेगा काम

QR कोड से टिकट बुकिंग फिलहाल मैंगलोर सेंट्रल और मैंगलोर जंक्शन सहित दक्षिणी रेलवे के पलक्कड़ डिवीजन के सभी 61 स्टेशन में क्यूआर कोड के माध्यम से रेलवे यूटीएस ऐप के सहारे अनारक्षित टिकट की बुकिंग का विकल्प दिया गया है.

ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है. टिकट बुकिंग के लिए रेलवे ने एक नयी सुविधा यात्रियों के लिए लॉन्च किया है. जिससे टिकट बुकिंग में आसानी होगी. यात्री अब QR कोड के माध्यम से ट्रेक का टिकट बुक करा पायेंगे.

इस ऐप के सहारे QR कोड स्कैन कराकर ले पायेंगे रेलवे टिकट

रेलवे ने QR कोड से टिकट बुकिंग के लिए एक ऐप लॉन्च किया है. जिसका नाम यूटीएस ऐप है. यात्री इस ऐप को अपने मोबाइल में इंस्टॉल कर अपना टिकट बुक करा पायेंगे.

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दक्षिण रेलवे के 61 स्टेशनों में QR कोड से टिकट बुकिंग की सुविधा

QR कोड से टिकट बुकिंग फिलहाल मैंगलोर सेंट्रल और मैंगलोर जंक्शन सहित दक्षिणी रेलवे के पलक्कड़ डिवीजन के सभी 61 स्टेशन में क्यूआर कोड के माध्यम से रेलवे यूटीएस ऐप के सहारे अनारक्षित टिकट की बुकिंग का विकल्प दिया गया है. इसके अलावा QR कोड से सीजन टिकटों का नवीनीकरण और प्लेटफॉर्म टिकट भी लिये जा सकेंगे.

हॉल्ट स्टेशनों में नहीं होगी QR कोड से टिकट बुकिंग की सुविधा

रेलवे की ओर से जो जानकारी दी गयी है, उसके अनुसार यह सुविधा दक्षिणी रेलवे मार्गों पर निजी एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे हॉल्ट स्टेशनों के लिए उपलब्ध नहीं होगी.

क्यूआर कोड से कैसे करेंगे टिकट बुक

भारतीय रेलवे की इस सुव‍िधा के तहत आपको वॉलेट, UPI, डेबिट या क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग का उपयोग करके एप से क्यूआर कोड स्कैन करके पेमेंट करना होगा. क्यूआर कोड आपको मशीन पर फ्लैश होता नजर आएगा, जिसके बाद आपको इसे स्कैन करना होगा. इसे स्‍कैन करने और पेमेंट करने के बाद आपको अपने गंतव्‍य का ट‍िकट मि‍ल जाएगा. रेलवे की तरफ से डिजिटल पेमेंट की सुव‍िधा को बढ़ावा देने के लिए क्यूआर कोड से टिकट खरीदने की सुविधा शुरू की गई है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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