सस्ते होंगे IPL टिकट ! टीमों ने सरकार से की GST घटाने की मांग

IPL Ticket GST: आईपीएल टीमों ने सरकार से मैच टिकटों पर लगने वाले 40% जीएसटी को घटाकर 18% करने की मांग की है. टीमों का तर्क है कि क्रिकेट एक खेल है, कोई जुआ या ‘पाप’ नहीं.

IPL Ticket GST: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रेंचाइजी टीमों ने वित्त मंत्रालय का दरवाजा खटखटाया है. उनकी मुख्य मांग यह है कि आईपीएल मैचों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के समान माना जाए और उन पर लगने वाले GST को 40% से घटाकर 18% किया जाए.

‘सिन गुड्स’ और 40% टैक्स

पिछले साल सितंबर में हुए GST बदलावों के बाद, आईपीएल टिकटों को एक विशेष ‘डी-मेरिट’ (De-merit) श्रेणी में डाल दिया गया था, जिस पर 40% टैक्स लगता है.

  • सिन टैक्स (Sin Tax): आमतौर पर यह उच्च टैक्स दर तंबाकू, सिगरेट, जुआ, कैसीनो और पान मसाला जैसी चीजों पर लगाई जाती है जिन्हें समाज के लिए हानिकारक माना जाता है.
  • आईपीएल का तर्क: टीमों का कहना है कि आईपीएल एक स्वस्थ पारिवारिक मनोरंजन और खेल है. इसे कैसीनो या सट्टेबाजी के बराबर रखना तर्कसंगत नहीं है.

टैक्स कम करने के पीछे टीमों के 4 तर्क

जब बीसीसीआई (BCCI) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय मैचों और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों (जैसे थिएटर, शास्त्रीय नृत्य) पर 18% टैक्स लगता है, तो आईपीएल के साथ भेदभाव क्यों?

  • विशेषज्ञों का मानना है कि 40% जैसा भारी टैक्स खेलों के विकास में बाधा डालता है. आईपीएल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि नए खिलाड़ियों को तैयार करने का एक बड़ा मंच है.
  • आईपीएल से पर्यटन, होटल और फूड इंडस्ट्री को जबरदस्त बढ़ावा मिलता है. भारी टैक्स इस ग्रोथ को धीमा कर सकता है.
  • अमेरिका और सऊदी अरब जैसे नए देश क्रिकेट में निवेश कर रहे हैं. भारत को अपनी नेतृत्व क्षमता बनाए रखने के लिए टैक्स ढांचे को प्रतिस्पर्धी बनाना होगा.

विशेषज्ञों की राय

EY के पार्टनर बिपिन सपरा के अनुसार, “आईपीएल जैसे आयोजनों पर 40% टैक्स लगाना खेल जगत के लिए नकारात्मक संदेश है.” वहीं, प्राइस वॉटरहाउस (PwC) के पार्टनर प्रतीक जैन का कहना है कि भारत क्रिकेट में ग्लोबल लीडर है, लेकिन अत्यधिक टैक्स इसकी क्षमता को प्रभावित कर सकता है.

आगे क्या होगा ?

एक सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की है कि यह मामला GST काउंसिल के सामने रखा जाएगा. आगामी 57वीं GST काउंसिल बैठक में इस पर फैसला लिया जा सकता है. यदि टैक्स घटता है, तो फैंस के लिए स्टेडियम जाकर मैच देखना काफी सस्ता हो सकता है.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

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शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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