बिना वसीयत के भी मिल सकता है दादा-दादी के FD का पैसा, जानें क्या है पूरी प्रक्रिया

Inheritance of FD Without Will: बिना वसीयत के आपके दादा-दादी की मृत्यु के बाद FD का पैसा किसे मिलेगा? जानें नॉमिनी और पोते-पोतियों के कानूनी अधिकार और FD क्लेम करने का सही तरीका क्या है.

Inheritance of FD Without Will: अक्सर भारतीय परिवारों में हमारे दादा-दादी या नाना-नानी अपनी बचत को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में सुरक्षित रखते हैं. लेकिन समस्या तब आती है जब उनकी मृत्यु बिना किसी ‘वसीयत’ (Will) के हो जाती है. ऐसे में परिवार के सदस्यों, खासकर पोते-पोतियों को समझ नहीं आता कि उस पैसे पर अब किसका हक है. अगर आप भी ऐसी स्थिति में हैं, तो आइए समझते है कि क्या किया जाए इस पर.

क्या नॉमिनी ही पैसे का असली मालिक होता है?

मनीकंट्रोल के रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर लोग सोचते हैं कि जिसका नाम नॉमिनी में है, सारा पैसा उन्हीं का होता है. लेकिन कानून ऐसा नहीं कहता है. नॉमिनी केवल एक ट्रस्टी होता है. उसका काम बैंक से पैसा लेकर उसे असली कानूनी वारिसों (Legal Heirs) तक पहुंचाना है. वह उस पैसे को खुद अकेले नहीं रख सकते जब तक कि वह खुद कानूनी वारिस न हो.

पोते-पोतियों को पैसा कब मिलता है?

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत, पोते-पोतियों का हक थोड़ा अलग होता है:

  • अगर दादा-दादी के बच्चे (यानी आपके माता या पिता) जीवित हैं, तो सीधा हक उनका होता है.
  • लेकिन, अगर पोते के पिता या माता की मृत्यु दादा-दादी से पहले हो चुकी है, तो उस स्थिति में पोता या पोती क्लास 1 वारिस बन जाते हैं. उन्हें अपने माता-पिता के बराबर ही हिस्सा मिलता है.

बिना नॉमिनी के पैसा कैसे निकालें?

अगर बैंक अकाउंट में कोई नॉमिनी नहीं है, तो प्रक्रिया थोड़ी लंबी हो सकती है. मनीकंट्रोल के रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे में आपको ये कदम उठाने होंगे:

  • बैंक में सीधे दावा (Claim) पेश करना होगा.
  • मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) और उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) जैसे दस्तावेज देने होंगे.
  • बैंक आपसे एक ‘इंडेमनिटी बॉन्ड’ और एफिडेविट भी मांग सकता है ताकि भविष्य में कोई दूसरा दावेदार न आए.

कानूनी उलझनों से कैसे बचें?

बैंक भावनाओं पर नहीं, बल्कि कागजों पर चलता है. इसलिए इन बातों का ध्यान रखें:

  • वसीयत (Will) बनाएं: एक साधारण वसीयत भविष्य की कई परेशानियों को खत्म कर सकती है.
  • नॉमिनेशन अपडेट रखें: हमेशा चेक करें कि FD में नॉमिनी का नाम सही है या नहीं.
  • कागज संभाल कर रखें: बैंक अक्सर कागजी कमी के कारण ही क्लेम रोकता है.

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By Soumya shahdeo

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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