Coronavirus outbreak in india : जर्नी की डेट में बदलाव करने पर कोई चार्ज नहीं लेगा इंडिगो

Coronavirus outbreak in india : महामारी के संक्रमण का भारत में दस्तक देने के साथ ही सरकारी स्तर पर एहतियाती कदम उठाये जाने के साथ ही अब सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने वाली निजी और सरकारी कंपनियों ने भी कारगर कदम उठाना शुरू कर दिया है. निजी विमानन कंपनी इंडिगो ने शनिवार को कहा कि यदि कोई यात्री जर्नी की डेट में बदलाव करता है, तो उसे किसी प्रकार के शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ेगा.

मुंबई : विमानन कंपनी इंडिगो ने शनिवार को कहा कि वह 12 मार्च से 31 मार्च के दौरान यात्रा के लिए बुक की गयी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की यात्रा की तारीख बदलने पर कोई शुल्क नहीं लेगा. ऐसा कोरोना वायरस को लेकर फैले डर के चलते किया गया है. विमानन कंपनी ने एक विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी है.

कंपनी ने कहा कि 12 मार्च से 31 मार्च के बीच की गयी ताजा बुकिंग के लिए कोई भी परिवर्तन शुल्क नहीं लिया जाएगा. शुल्क माफी केवल उड़ानों की तारीखों में बदलाव के लिए है और टिकट रद्द कराने की स्थिति में यह लागू नहीं होगी. यह छूट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लागू होगी. कंपनी ने कहा कि हम इस बात को समझते हैं कि इस समय कोरोना वायरस के चलते कुछ यात्री यात्रा को लेकर चिंतित हैं.

इंडिगो के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी विलियम बोल्टर ने कहा कि इस चिंता को दूर करने के लिए और यात्रा को परेशानी मुक्त बनाने के लिए हम अगले दो हफ्तों के दौरान की जाने वाले यात्राओं के लिए और उस अवधि में की गयी सभी नयी बुकिंग के लिए अपने सामान्य परिवर्तन शुल्क को माफ कर रहे हैं.

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Author: KumarVishwat Sen

Published by: Prabhat Khabar

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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