30 April तक के लिए बुक टिकट को फ्री में कैंसल करेगी IndiGo

Coronavirus के मद्देजनर निजी विमानन इंडिगो ने 30 अप्रैल तक के लिए बुक टिकटों को मुफ्त में रद्द करने का ऐलान किया है.

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप में देश भर में लागू लॉकडाउन की वजह से मंगलवार की रात 12 बजे के बाद बंद घरेलू उड़ान होने पर निजी विमानन इंडिगो ने 30 अप्रैल तक के लिए बुक टिकटों को मुफ्त में रद्द करने का ऐलान किया है. इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रोनोजॉय दत्ता ने मंगलवार को कहा कि 30 अप्रैल तक यात्रा के लिए बुक कराये गये टिकट को रद्द करने के लिए विमानन कंपनी कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेगी.

उन्होंने कहा कि कंपनी टिकट के दाम को उस पीएनआर के लिए जमा रखेगी और उसका उपयोग 30 सितंबर तक किसी अन्य यात्रा के लिए किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि इसके अलावा, जिन यात्रियों ने 30 सितंबर तक यात्रा के लिए टिकट बुक कराया है, वे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 30 सितंबर तक अपने यात्रा कार्यक्रम में परिवर्तन कर सकते हैं. भाड़े में जो भी अंतर होगा, वह अगली बुकिंग के समय यात्रियों को देना होगा.

सीईओ ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बहुत सारे ग्राहक अपनी विमान यात्रा में परिवर्तन करना चाहते हैं, लेकिन हमारे कर्मचारियों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि हमारे पास भारी मात्रा में कॉल और ईमेल आ रहे हैं. कृपया आश्वस्त रहें कि आपका बुकिंग रेफरेंस/पीएनआर हमारे पास क्रेडिट अकॉउंट के रूप में उसी पीएनआर और टिकट के दाम पर सुरक्षित रहेगा. वह उसी यात्री द्वारा 30 सितंबर से पहले क्रेडिट अकॉउंट यात्रा के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा.

उन्होंने कहा कि जिन्होंने 30 अप्रैल तक यात्रा के लिए बुकिंग करायी थी कि वे अपने यात्रा कार्यक्रम को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के रद्द कर सकते हैं और उसी पीएनआर पर क्रेडिट अकॉउंट खोलकर उतने ही मूल्य का दूसरा टिकट बुक कर 30 सितंबर तक यात्रा कर सकते हैं.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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