लगातार तीन दिनों की गिरावट पर लगा ब्रेक, क्या रुपया फिर पकड़ेगा रफ्तार?

Rupee vs Dollar: भारतीय रुपया रिकॉर्ड गिरावट के बाद आज 93.86 के स्तर पर संभला है. कच्चे तेल की कीमतों में कमी और अमेरिकी डॉलर के नरम होने से बाजार को बड़ी राहत मिली है. जानिए क्या RBI के दखल से भारतीय रुपया अब 92.80 के स्तर तक वापस लौट पाएगा.

Rupee vs Dollar: आज बुधवार 25 मार्च 2026 को भारतीय रुपये में मामूली सुधार देखने को मिला है. लगातार तीन दिनों तक रिकॉर्ड निचले स्तर को छूने के बाद, आज रुपया डॉलर के मुकाबले 15 पैसे की बढ़त के साथ 93.86 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है. मंगलवार को रुपया अपने अब तक के सबसे खराब स्तर 94.14 पर बंद हुआ था. 

रुपया आखिर क्यों गिर रहा था?

पिछले कुछ दिनों से मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध की खबरों ने पूरी दुनिया के बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी थी. जब भी दुनिया में कोई संकट आता है, निवेशक अपना पैसा सुरक्षित रखने के लिए भारतीय बाजार जैसे उभरते बाजारों से निकालकर अमेरिकी ट्रेजरी में लगाने लगते हैं. यही कारण है कि विदेशी निवेशकों (FII) ने अकेले मंगलवार को भारतीय बाजार से लगभग 8,009 करोड़ रुपये निकाल लिए, जिससे रुपये पर भारी दबाव पड़ा. 

डॉलर और कच्चे तेल में गिरावट से क्या हुआ?

आज रुपये के लिए राहत की खबर दो तरफ से आई है. पहली ये कि अमेरिकी डॉलर की कीमत में मामूली गिरावट आई है और दूसरी ये कि कच्चे तेल (Brent Crude) के दाम लगभग 3.5% गिरकर 96.65 डॉलर पर आ गए हैं. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान ने बाजार को शांत किया जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए बातचीत चल रही है. तेल सस्ता होने से भारत का इम्पोर्ट खर्च घटता है, जिससे रुपये को मजबूती मिलती है. 

विदेशी निवेशकों का क्या रुख है?

भले ही रुपया आज थोड़ा संभला है, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली (Outflow) अभी भी जारी है.  मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक भारी मात्रा में फंड बाहर गया है. बाजार एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशक अभी भी जोखिम लेने से बच रहे हैं और सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं. 

क्या आने वाले दिनों में रुपया और मजबूत होगा?

मार्केट एक्सपर्ट अनिल कुमार भंसाली के अनुसार, एक्सपोर्टर्स को अभी हेजिंग (Hedge) करनी चाहिए और इंपोर्टर्स को हर गिरावट पर डॉलर खरीदना चाहिए. विश्लेषकों का अनुमान है कि वित्त वर्ष (Financial Year) खत्म होने से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मार्केट में दखल दे सकता है. अगर ऐसा होता है, तो रुपया 92.80 के स्तर तक वापस लौट सकता है. 

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By Soumya shahdeo

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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