Rupee vs Dollar : वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं (Global Economic Uncertainties) और मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के भू-राजनीतिक तनाव का असर सोमवार को भारतीय बाजारों पर बहुत भारी पड़ा है. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन (18 मई) रुपया बेहद कमजोर रुख के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में ही डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 96.25 प्रति डॉलर पर आ गया.
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, मजबूत अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों और दुनिया भर में जारी तनाव ने भारत समेत तमाम उभरते बाजारों (Emerging Markets) की करेंसी पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है.
कैसे दर्ज हुई इतनी बड़ी गिरावट?
- शुरुआती गिरावट: अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Forex Market) में सोमवार सुबह रुपया ₹96.19 प्रति डॉलर पर खुला था. लेकिन बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव बढ़ा और यह पिछले बंद भाव के मुकाबले 44 पैसे टूटकर ₹96.25 पर पहुंच गया.
- पिछले हफ्ते का रिकॉर्ड: इससे पहले बीते शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले ₹96 के स्तर को छूने के बाद ₹95.81 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था, लेकिन आज सुबह यह रिकॉर्ड भी टूट गया.
क्यों टूट रहा है भारतीय रुपया ?
बाजार के जानकारों ने रुपये के इस तरह गोता लगाने के पीछे 3 मुख्य वजहें बताई हैं.
- कच्चा तेल $111 के पार: अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें 1.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 111.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं. भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपया कमजोर होता है.
- दबदबे में अमेरिकी डॉलर: दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दिखाने वाला ‘डॉलर इंडेक्स’ (Dollar Index) 0.04% की बढ़त के साथ 99.32 पर कारोबार कर रहा है. डॉलर का मजबूत होना रुपये के लिए हमेशा झटका साबित होता है.
- शेयर बाजार में हाहाकार: रुपये की कमजोरी और वैश्विक संकेतों का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखा, जहां सुबह-सुबह निवेशकों में घबराहट देखी गई.
शेयर बाजार भी हुआ धड़ाम
सोमवार की सुबह सिर्फ करेंसी मार्केट के लिए ही नहीं, बल्कि शेयर बाजार के निवेशकों के लिए भी घाटे वाली रही. शुरुआती कारोबार में दोनों मुख्य इंडेक्स लाल निशान में डूब गए.
- सेंसेक्स (Sensex): शुरुआती कारोबार में सीधे 833.20 अंक टूटकर 74,404.79 अंक पर आ गया.
- निफ्टी (Nifty): निफ्टी भी 234 अंक फिसलकर 23,401.70 अंक पर कारोबार करता देखा गया.
- एकमात्र राहत की बात: पिछले कुछ समय से लगातार बिकवाली कर रहे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख पिछले शुक्रवार को थोड़ा सुधरा था. आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने बाजार में शुद्ध रूप से 1,329.17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे. हालांकि, आज के वैश्विक हालात को देखते हुए यह राहत नाकाफी साबित हो रही है.
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