UPI: श्रीलंका-मॉरीशस के बाद अब इस पड़ोसी देश में चलेगा भारत का यूपीआई, जानें कैसे कर सकते हैं इस्तेमाल

UPI: भारत और नेपाल के केंद्रीय बैंकों- भारतीय रिजर्व बैंक और नेपाल राष्ट्र बैंक ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) और नेशनल पेमेंट इंटरफेस (एनपीआई) के एकीकरण के लिए समझौता किया है. इससे पेमेंट की प्रक्रिया तेज हो जाएगी.

UPI: भारत के सबसे सुरक्षित पेमेंट डिजिटल इंटरफेस यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की पूरी दुनिया दीवानी हो रही है. श्रीलंका और मॉरीशस के बाद, अब पड़ोसी देश नेपाल में भी आप आसानी से यूपीआई प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए भारत और नेपाल के केंद्रीय बैंकों- भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) और नेपाल राष्ट्र बैंक ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) और नेशनल पेमेंट इंटरफेस (एनपीआई) के एकीकरण के लिए समझौता किया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बयान में कहा कि एकीकरण की औपचारिक शुरुआत या परिचालन की शुरुआत बाद की तारीख में की जाएगी.

तेज होगी भुगतान की प्रक्रिया


रिजर्व बैंक ने कहा कहा कि इस एकीकरण का उद्देश्य दोनों प्रणालियों के उपयोगकर्ताओं को तत्काल, कम लागत वाले धन हस्तांतरण को सक्षम बनाकर भारत और नेपाल के बीच सीमापार प्रेषण की सुविधा प्रदान करना है. आरबीआई ने कहा कि यूपीआई-एनपीआई एकीकरण के माध्यम से अपनी तेज भुगतान प्रणालियों को जोड़ने में भारत और नेपाल के बीच सहयोग वित्तीय कनेक्टिविटी को और गहरा करेंगे और दोनों देशों के बीच स्थायी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करेंगे. आरबीआई और एनआरबी के बीच हुईं संदर्भ शर्तों के आधार पर यूपीआई और नेपाल के एनपीआई को आपस में जोड़ने के लिए आवश्यक तंत्र स्थापित किया जाएगा.

इसी महीने दो और देशों में शुरू हुई थी सेवा


इसी महीने यूपीआई सेवा श्रीलंका और मॉरीशस में भी शुरू हो गयी है. श्रीलंका और मॉरीशस में भारतीय सेवाओं की शुरुआत दोनों देशों के साथ भारत के बढ़ते द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों की पृष्ठभूमि में हुई है. इससे श्रीलंका और मॉरीशस की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के साथ ही भारत की यात्रा करने वाले इन देशों के नागरिकों के लिए यूपीआई की सेवा उपलब्ध होगी. बता दें कि इसके पहले से फ्रांस, सिंगापुर, यूएई, नेपाल और भूटान में यूपीआई पेमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है.

यूपीआई क्या होता है?


यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) एक भारतीय वित्तीय प्रणाली है जो व्यक्तिगत और व्यापारिक लेनदेन को आसान बनाने के लिए डिजाइन की गई है. इसे नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NCPL) के द्वारा 2016 में इसे लॉच किया गया था. यह एक तेज, सुरक्षित और स्थायी तरीके से विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के बीच वित्तीय लेन-देन को संभालता है. UPI भारत में डिजिटल वित्तीय सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका उपयोग लोगों के बीच लेन-देन को सुरक्षित और सरल बनाने के लिए होता है. UPI उपयोगकर्ताओं को अपने व्यक्तिगत और व्यापारिक खातों से अन्य उपयोगकर्ताओं के खातों में पैसे भेजने और लेन-देन करने की सुविधा प्रदान करता है. एप और डिजाइन को उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के लिए विभिन्न उपयोगकर्ता अनुफानों को प्रदान करती है. UPI के माध्यम से पैसे भेजना और प्राप्त करना बहुत ही तेज और सरल है. ये विभिन्न भारतीय भाषाओं में समर्थन करती है, जिससे व्यक्तिगत और व्यापारिक लेन-देन बहुत आसान होता है.

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