NASA में भारत को बड़ी सफलता, कोविड-19 का वेंटिलेटर बनाने के लिए तीन कंपनियों को मिला लाइसेंस

भारत ने अमेरिका के नेशनल एयरोनॉटिकल एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) से बड़ी सफलता हासिल की है. यहां की तीन कंपनियों को नासा से कोविड-19 के मरीजों के लिए वेंटिलेटर बनाने का लाइसेंस प्राप्त हुआ है.

वाशिंगटन : भारत ने अमेरिका के नेशनल एयरोनॉटिकल एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) से बड़ी सफलता हासिल की है. यहां की तीन कंपनियों को नासा से कोविड-19 के मरीजों के लिए वेंटिलेटर बनाने का लाइसेंस प्राप्त हुआ है. भारत की जिन तीन कंपनियों को वेंटिलेटर बनाने के लिए लाइसेंस मिला है, उनमें अल्फा डिजाइन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, भारत फोर्ज लिमिटेड और मेधा सर्वो ड्राइव्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं. नासा की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में इन तीन भारतीय कंपनियों को लाइसेंस जारी करने के संबंध में जानकारी दी गयी है.

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नासा की ओर से जारी किये गये बयान में इस बात की भी जानकारी दी गयी है कि कोविड-19 के मरीजों के लिए वेंटिलेटर तैयार करने के लिए भारत की तीन के अलावा अन्य देशों की 18 दूसरी कंपनियों को भी लाइसेंस मिला है. इन कंपनियों में आठ अमेरिका और तीन ब्राजील की कंपनियां शामिल हैं. नासा अमेरिका की स्पेस रिसर्च, एयरोनॉटिकल और इससे संबंधित कार्यक्रमों बनाने वाली स्वतंत्र एजेंसी है.

नासा ने दक्षिण कैलिफोर्निया की जेट प्रॉपल्शन लैब (जेएलपी) में कोरोना वायरस के मरीजों के लिए विशेष रूप से वेंटिलेटर तैयार किया है. जेएलपी के इंजीनियरों ने एक महीने से कुछ अधिक समय में इस विशेष वेंटिलेटर ‘वाइटल’ को डिजाइन किया है. इसे अमेरिका के खाद्य एवं दवा प्रशासन से 30 अप्रैल को ‘आपात प्रयोग की अनुमति’ मिल चुकी है.

नासा ने कहा है कि वाइटल को चिकित्सकों तथा चिकित्सा उपकरण बनाने वालों से सलाह लेकर तैयार किया गया है. कोरोना वायरस से अब तक अमेरिका में 1,02,836 लोगों की जान जा चुकी है. अमेरिका में इस महामारी से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 17 लाख की संख्याय को पार कर चुका है.

बता दें कि कोविड-19 महामारी को मात देने के लिए दुनियाभर में इसके इलाज से संबंधित कई तरह के रिसर्च किये जा रहे हैं और वे अब करीब-करीब अपने मुकाम तक पहुंचने वाले हैं. इसी हफ्ते अमेरिकी फार्मास्युटिकल कंपनी फाइजर ने दावा किया है कि वह अक्टूबर के अंत तक कोविड-19 का टीका बाजार में बिक्री के लिए उतार देगी. उधर, भारत में भी दवा कंपनी सन फार्मास्युटिकल्स को भारतीय दवा महानियंत्रक (डीसीजीआई) की ओर से कोविड-19 की संभावित दवा नैफमोस्टेट मेसिलेट के क्लिनिकल ट्रॉयल की अनुमति मिल गयी है.

वहीं, भारत में भी दवा कंपनी सन फार्मास्युटिकल्स को डीसीजीआई की ओर से कोविड-19 की संभावित दवा नैफमोस्टेट मेसिलेट के क्लिनिकल ट्रॉयल की अनुमति मिल गयी है. अब कंपनी कोरोना वायरस के मरीजों पर इसका टेस्ट शुरू कर सकेगी. नैफमोस्टेट को जापान में नसों में खून के थक्के बनने (डीआईसी) और अग्नाशयशोथ के लक्षणों के इलाज में इस्तेमाल की अनुमति है.

Posted By : Vishwat Sen

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