Cigarette Tax : अगर आप भी सिगरेट के शौकीन हैं, तो अपना बजट थोड़ा बढ़ा लीजिए. 1 फरवरी से लागू होने वाली नई एक्साइज ड्यूटी और 40% GST ने सिगरेट को और भी प्रीमियम बना दिया है. जहां महंगी सिगरेट के शौकीनों पर इसका सीधा असर पड़ेगा, वहीं सस्ती सिगरेट बेचने वाली कंपनियां अब ग्राहकों को रोकने के लिए कशमकश करती नजर आएंगी. रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (Crisil) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस बढ़ती महंगाई के कारण सिगरेट की बिक्री में 6-8% तक की गिरावट आने की आशंका है.
महंगी होगी हर ‘पफ’
- 1 फरवरी से टैक्स का नया ढांचा लागू हो रहा है. पुरानी ‘सेस’ (Cess) व्यवस्था खत्म कर दी गई है और उसकी जगह एडिशनल एक्साइज ड्यूटी लगा दी गई है.
- लंबी सिगरेट (Mid/Premium): अगर आप 65mm से लंबी सिगरेट पीते हैं, तो हर एक स्टिक पर ₹3.6 से ₹8.5 तक की ड्यूटी लगेगी.
- छोटी सिगरेट (Mass Segment): सस्ती और छोटी सिगरेट पर ₹2.05 से ₹2.1 प्रति स्टिक की ड्यूटी लगेगी.
- GST का झटका: सिगरेट की फाइनल कीमत पर अब 40% GST लगेगा.
कौन सी सिगरेट कितनी महंगी?
प्रीमियम सिगरेट: महंगी सिगरेट पीने वाले लोग अक्सर ब्रांड के वफादार होते हैं, इसलिए कंपनियां टैक्स का पूरा बोझ ग्राहकों पर डाल देंगी. यानी महंगी सिगरेट और भी महंगी हो जाएगी.
सस्ती सिगरेट: इस सेगमेंट में लोग कीमत को लेकर बहुत सतर्क रहते हैं. इसलिए कंपनियां टैक्स का कुछ हिस्सा खुद झेलेंगी ताकि ग्राहक सिगरेट पीना न छोड़ दें. फिर भी, इसकी कीमतों में बढ़ोतरी तो तय है.
कंपनियों पर क्या होगा असर?
रेटिंग एजेंसी Crisil के मुताबिक
- बिक्री में कमी: टैक्स बढ़ने से अगले साल सिगरेट की कुल बिक्री में 6% से 8% की गिरावट आ सकती है.
- मुनाफा: कंपनियों के मुनाफे (EBIT Margin) में थोड़ी कमी आएगी, लेकिन फिर भी यह 58% से ऊपर रहेगा, जो कि काफी मजबूत है.
- आर्थिक स्थिति: सिगरेट कंपनियों के पास ₹20,000 करोड़ से ज्यादा का कैश जमा है और उन पर कर्ज न के बराबर है, इसलिए वे इस झटके को आसानी से झेल लेंगी.
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