शादीशुदा कपल के लिए जॉइन्ट ITR की मांग, राघव चड्ढा ने उठाया मुद्दा

Income Tax: राघव चड्ढा का कहना है कि अभी भारत में पति और पत्नी को अलग-अलग टैक्स फाइल करना पड़ता है. यानी दोनों की कमाई अलग मानी जाती है, भले ही घर का खर्च एक ही हो.

Income Tax: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में एक अहम मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा कि भारत का मौजूदा इनकम टैक्स सिस्टम शादीशुदा कपल के साथ ठीक व्यवहार नहीं करता, क्योंकि पति-पत्नी को अलग-अलग व्यक्ति मानकर टैक्स लिया जाता है, जबकि दोनों एक ही घर और खर्च साझा करते हैं.

क्या है पूरा मामला ?

राघव चड्ढा का कहना है कि अभी भारत में पति और पत्नी को अलग-अलग टैक्स फाइल करना पड़ता है. यानी दोनों की कमाई अलग मानी जाती है, भले ही घर का खर्च एक ही हो. उन्होंने सुझाव दिया है कि सरकार “ऑप्शनल जॉइंट टैक्स फाइलिंग” शुरू करे. यानी अगर कोई शादीशुदा कपल चाहे, तो वह एक साथ मिलकर ITR फाइल कर सके. इससे कई परिवारों का टैक्स बोझ कम हो सकता है.

उदाहरण से समझें फर्क

चड्ढा ने इसे आसान तरीके से समझाया.

  • पहला परिवार: पति और पत्नी दोनों 10-10 लाख कमाते हैं. कुल आय 20 लाख हुई, लेकिन दोनों अलग-अलग फाइल करते हैं, इसलिए उन्हें टैक्स में छूट मिल जाती है और टैक्स जीरो हो सकता है.
  • दूसरा परिवार: यहां सिर्फ एक ही व्यक्ति 20 लाख कमाता है और दूसरा घर संभालता है. कुल आय तो वही 20 लाख है, लेकिन इस केस में करीब 1.92 लाख रुपये टैक्स देना पड़ता है. यानी फर्क सिर्फ इस बात का है कि कमाई किसके नाम पर है, जबकि घर एक ही है.

मौजूदा सिस्टम में क्या समस्या ?

चड्ढा का कहना है कि मौजूदा टैक्स सिस्टम परिवार को एक यूनिट नहीं मानता. उनके मुताबिक, “एक ही छत, एक ही किचन, एक ही बजट… लेकिन टैक्स के समय परिवार अलग-अलग हो जाता है.”

दूसरे देशों में क्या होता है?

कई देशों में शादीशुदा कपल को साथ में टैक्स फाइल करने की सुविधा मिलती है. अमेरिका, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों में “जॉइंट फाइलिंग” या “इनकम स्प्लिटिंग” की सुविधा है, जिससे टैक्स का बोझ कम हो जाता है.

नया टैक्स सिस्टम कैसे काम करता है ?

भारत में नया टैक्स सिस्टम लागू है, जिसमें करीब 12 लाख रुपये तक की आय पर रिबेट मिलती है. इसलिए अगर दोनों पति-पत्नी अलग-अलग 10 लाख कमाते हैं, तो टैक्स नहीं देना पड़ता. लेकिन अगर एक ही व्यक्ति 20 लाख कमाता है, तो टैक्स देना पड़ता है. अगर सरकार चड्ढा के इस प्रस्ताव को मान लेती है, तो शादीशुदा कपल को बड़ा फायदा मिल सकता है. खासकर उन परिवारों को, जहां एक ही सदस्य कमाता है और दूसरा घर या बच्चों की देखभाल करता है.

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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