Income Tax Form 125: सीनियर सिटीजंस के लिए इनकम टैक्स विभाग एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया है. अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए नियमों के मुताबिक, 75 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को अब हर साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की लाइनों में नहीं लगना होगा. सरकार ने इसके लिए फॉर्म नंबर 125 की व्यवस्था की है, जिससे कागजी कार्यवाही का बोझ काफी कम हो जाएगा.
किन बुजुर्गों को मिलेगी यह खास सुविधा?
यह राहत हर सीनियर सिटीजन के लिए नहीं है. इसका फायदा सिर्फ वही ‘स्पेसिफाइड सीनियर सिटीजन’ उठा सकते हैं जो भारत के निवासी हैं और जिनकी उम्र 75 साल या उससे ज्यादा है. शर्त यह है कि उनकी कमाई का जरिया सिर्फ पेंशन और बैंक से मिलने वाला ब्याज ही होना चाहिए. अगर पेंशन और ब्याज उसी ‘स्पेसिफाइड बैंक’ में आता है जहां आपका खाता है, तो आप इस छूट के हकदार हैं. ध्यान रहे, अगर आपकी कमाई रेंट (किराये), कमीशन या शेयर मार्केट जैसे अन्य स्रोतों से है, तो आपको सामान्य तरीके से ही रिटर्न भरना होगा.
फॉर्म 125 भरने से क्या फायदा होगा?
सीधा सा फायदा यह है कि आपको खुद टैक्स कैलकुलेट करने या CA के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जब आप अपने बैंक में फॉर्म नंबर 125 जमा करते हैं, तो बैंक खुद आपकी कुल आय का हिसाब लगाता है. आपकी जो भी छूट (Deductions) या रिबेट बनती है, उसे घटाने के बाद बैंक खुद ही टैक्स (TDS) काट लेगा. इसका मतलब है कि टैक्स तो कटेगा, लेकिन आपको अलग से ITR फॉर्म भरने की कानूनी जरूरत नहीं रहेगी.
फॉर्म कहां और कैसे जमा करना है?
आपको यह फॉर्म उसी बैंक की ब्रांच में देना होगा जहां आपकी पेंशन आती है. अच्छी बात यह है कि सरकार ने इसे पूरी तरह डिजिटल और आसान रखा है. आप इसे बैंक जाकर कागजी फॉर्म के तौर पर दे सकते हैं या फिर घर बैठे नेट बैंकिंग के जरिए ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं. यह फॉर्म आपको हर साल एक बार भरना होगा ताकि बैंक को पता रहे कि आप इस छूट का लाभ उठाना चाहते हैं.
क्या जानकारी बदलने पर दिक्कत होगी?
अगर साल के बीच में आपकी इनकम का कोई नया जरिया बन जाता है (जैसे आपने कोई प्रॉपर्टी बेची या बिजनेस शुरू किया), तो आपको तुरंत बैंक को बताना होगा. ऐसी स्थिति में आपको अपना डिक्लेरेशन वापस लेना पड़ेगा या उसे अपडेट करना होगा. एक बार डिक्लेरेशन वापस लेने के बाद, आपको सामान्य नागरिक की तरह अपना इनकम टैक्स रिटर्न खुद ही फाइल करना होगा.
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