IFCI Share: शेयर बाजार में आज जहां सुस्ती का माहौल है, वहीं सरकारी कंपनी IFCI Ltd के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिल रही है. NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) के IPO को लेकर आई एक बड़ी खबर ने निवेशकों को उत्साहित कर दिया है. शुक्रवार को IFCI का शेयर करीब 11% की बढ़त के साथ 59.83 रुपये के स्तर पर पहुंच गया. बाजार में गिरावट के बावजूद इस शेयर में भारी ट्रेडिंग हो रही है.
NSE के IPO में क्या नया अपडेट आया है?
NSE ने अपने मच अवेटेड IPO की तैयारी तेज कर दी है. एक्सचेंज ने इस शेयर सेल को मैनेज करने के लिए रिकॉर्ड 20 मर्चेंट बैंकर्स और 8 लॉ फर्म्स को नियुक्त किया है. यह अब तक का सबसे बड़ा बैंकर्स पैनल है. उम्मीद जताई जा रही है कि अगले दो महीनों में इसके दस्तावेज SEBI के पास जमा हो जाएंगे और इस साल के अंत तक IPO बाजार में दस्तक दे सकता है.
IFCI को इससे क्या फायदा होगा?
कई लोग सोच रहे होंगे कि खबर NSE की है तो IFCI के शेयर क्यों भाग रहे हैं? दरअसल, IFCI की अपनी सब्सिडियरी कंपनी SHCIL (स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) के जरिए NSE में हिस्सेदारी है. SHCIL के पास NSE के 4.4% शेयर हैं और IFCI इस कंपनी में 52.86% का मालिक है. आसान शब्दों में कहें तो NSE का IPO आने से IFCI के इन्वेस्टमेंट की वैल्यू काफी बढ़ जाएगी, जिसका सीधा फायदा उसके शेयरहोल्डर्स को मिल रहा है.
कंपनी की आर्थिक सेहत कैसी है?
सिर्फ IPO की खबर ही नहीं, बल्कि IFCI के नतीजे भी सुधार की ओर इशारा कर रहे हैं. दिसंबर 2025 की तिमाही में कंपनी ने 6.13 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है, जबकि पिछले साल इसी समय कंपनी को करीब 59 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. कंपनी का रेवेन्यू भी 194 करोड़ रुपये से बढ़कर 298 करोड़ रुपये के पार निकल गया है. वर्तमान में इस सरकारी कंपनी में भारत सरकार की 72.57% हिस्सेदारी है.
क्या कहते हैं बाजार के एक्सपर्ट्स?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि IFCI के शेयरों में यह तेजी पूरी तरह से NSE IPO की खबरों से जुड़ी है. जब भी NSE के लिस्टिंग की बात आगे बढ़ती है, IFCI के भाव चढ़ने लगते हैं. निवेशकों के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह तेजी सेंटीमेंट्स पर आधारित है, इसलिए निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स और बाजार के जोखिमों को जरूर समझें.
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