अब चेहरा दिखाकर पूरी होगी e-KYC, अंगूठे और OTP का झंझट खत्म; जानें नया तरीका

PM-Kisan: पीएम-किसान योजना के लिए अब फेस ऑथेंटिकेशन से e-KYC करना संभव है. ओटीपी और फिंगरप्रिंट की जरूरत नहीं होगी. किसान PM-Kisan ऐप के जरिए घर बैठे चेहरा दिखाकर केवाईसी पूरा कर सकते हैं.

PM-Kisan: पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी खुशखबरी दी है. अब ₹6,000 की सालाना आर्थिक मदद पाने के लिए किसानों को न तो ओटीपी (OTP) का इंतजार करना होगा और न ही जन सेवा केंद्रों के चक्कर काटने पड़ेंगे. सरकार ने ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ (Face Authentication) तकनीक शुरू की है, जिससे किसान अब सिर्फ अपना चेहरा दिखाकर घर बैठे ही e-KYC पूरी कर सकते हैं.

बिना किसी ऑफिस गए घर बैठे e-KYC

अक्सर गांवों में खराब नेटवर्क के कारण मोबाइल पर समय से ओटीपी नहीं आता था या उम्रदराज किसानों के फिंगरप्रिंट मैच नहीं होते थे. इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए अब स्मार्टफोन के जरिए चेहरा स्कैन करने की सुविधा दी गई है. यह तरीका न केवल तेज है, बल्कि उन किसानों के लिए भी वरदान है जो तकनीकी दिक्कतों की वजह से अपनी किस्त से वंचित रह जाते थे. अब आपको किसी दफ्तर की लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं है.

PM Kisan ऐप के जरिए e-KYC का आसान तरीका

इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपने फोन में ‘PM Kisan Mobile App’ इंस्टॉल करना होगा. गूगल प्ले स्टोर से इसे डाउनलोड करने के बाद, किसान अपने आधार नंबर के जरिए लॉगिन कर सकते हैं. ऐप के भीतर ‘e-KYC’ सेक्शन में जाकर ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ का विकल्प चुनना होगा. इसके बाद फोन का कैमरा ऑन हो जाएगा और चेहरा वेरिफाई होते ही आपकी केवाईसी (KYC) प्रक्रिया मिनटों में पूरी हो जाएगी.

चेहरा स्कैन करते समय रखें इन बातों का ध्यान

फेस ऑथेंटिकेशन को सफल बनाने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना आवश्यक है. चेहरा स्कैन करते समय आपके आसपास पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए ताकि कैमरा आपके फीचर्स को सही से पहचान सके. स्कैनिंग के दौरान अपने सिर को स्थिर रखें और कैमरे की ओर देखें. कुछ ही सेकंड में सिस्टम आपके आधार डेटा से चेहरे का मिलान कर लेगा और आपकी e-KYC सफलतापूर्वक सबमिट हो जाएगी.

क्यों जरूरी है e-KYC की यह प्रक्रिया ?

सरकार ने योजना में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए e-KYC को अनिवार्य कर दिया है. जिन किसानों का यह प्रोसेस अधूरा रहता है, उनकी अगली किस्त अटक सकती है. नई फेस स्कैन सुविधा उन इलाकों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है जहां ओटीपी आने में घंटों लग जाते थे. अब किसान बिना किसी बाहरी मदद के अपनी रुकी हुई किस्तें सुरक्षित कर सकते हैं और योजना का लाभ उठा सकते हैं.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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