गुप्ता पावर इन्फ्रा पर 226 करोड़ की कर्ज धोखाधड़ी, बैंक ऑफ इंडिया ने आरबीआई को दी जानकारी

Loan Fraud: बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने गुप्ता पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की ओर से 226.84 करोड़ रुपये की कर्ज धोखाधड़ी की सूचना भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को दी है. बैंक ने इसे NPA घोषित करते हुए 212.62 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.

Loan Fraud: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने गुप्ता पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की ओर से 226.84 करोड़ रुपये की कर्ज धोखाधड़ी की सूचना भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को दी है. बैंक ने इस मामले को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) घोषित कर धोखाधड़ी करार दिया है.

BOI ने 212.62 करोड़ रुपये का किया प्रावधान

बैंक ऑफ इंडिया ने कहा कि 226.84 करोड़ रुपये की बकाया राशि के मुकाबले बैंक ने 212.62 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस कदम से बैंक की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है, लेकिन उचित प्रबंधन रणनीतियों के जरिए जोखिम को नियंत्रित किया जा रहा है.

BOI का शुद्ध लाभ 35% बढ़ा

गुप्ता पावर इन्फ्रा की धोखाधड़ी के बावजूद बैंक ऑफ इंडिया की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 35% की बढ़ोतरी के साथ शुद्ध लाभ 2,517 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 1,870 करोड़ रुपये था.

ब्याज आय और कुल आय में भी इजाफा

  • बैंक की कुल आय चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 19,957 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 16,411 करोड़ रुपये थी.
  • ब्याज आय भी बढ़कर 18,210 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक साल पहले यह 15,218 करोड़ रुपये थी.

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सरकार और बैंक की बढ़ रही सतर्कता

बैंक ऑफ इंडिया की ओर से आरबीआई को दी गई इस धोखाधड़ी की सूचना के बाद नियामक एजेंसियां गुप्ता पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड पर कार्रवाई कर सकती हैं. बैंकिंग क्षेत्र में धोखाधड़ी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए सरकारी और निजी बैंक सतर्कता बढ़ा रहे हैं.

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बैंकिंग सिस्टम में धोखाधड़ी पर सख्ती

भारत में बैंकों की ओर से दी जाने वाली लोन सुविधाओं में बढ़ती धोखाधड़ी को देखते हुए सरकार और आरबीआई लगातार सख्त कदम उठा रहे हैं. हाल के वर्षों में कई बड़े कॉरपोरेट डिफॉल्ट के मामले सामने आए हैं, जिसके चलते बैंकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

आरबीआई लागू कर रहा निगरानी तंत्र

ऐसे मामलों को रोकने के लिए केंद्रीय बैंक मजबूत निगरानी तंत्र लागू कर रहा है और समय-समय पर बैंकों को अपनी क्रेडिट पॉलिसी को और अधिक पारदर्शी और सतर्क बनाने के निर्देश दे रहा है. गुप्ता पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का मामला भी इस दिशा में एक अहम उदाहरण बन सकता है, जिस पर नियामक एजेंसियां कड़ी कार्रवाई कर सकती हैं.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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