चाउमिन बेचने वाले इस शख्स पर 16 करोड़ रुपये का GST बकाया, जानिए क्या है पूरा मामला…

झारखंड के धनबाद में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) चोरी को लेकर बड़ी खबर सामने आयी है. उसमें यह कि वाणिज्य राजस्व कर विभाग की ओर से धनबाद के दुहाटांड़ इलाके में एक चाउमिन विक्रेता के खिलाफ 16 करोड़ रुपये जीएसटी बकाया का मामला दर्ज कराया है, लेकिन जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. आयकर विभाग और स्थानीय पुलिस की ओर से की गयी जांच में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है.

धनबाद/रांची : झारखंड के धनबाद में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) चोरी को लेकर बड़ी खबर सामने आयी है. उसमें यह कि वाणिज्य राजस्व कर विभाग की ओर से धनबाद के दुहाटांड़ इलाके में एक चाउमिन विक्रेता के खिलाफ 16 करोड़ रुपये जीएसटी बकाया का मामला दर्ज कराया है, लेकिन जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. आयकर विभाग और स्थानीय पुलिस की ओर से की गयी जांच में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है.

वाणिज्य राजस्व कर पदाधिकारी अफसाना खानम के अनुसार, दुहाटाड़ के सर्वश्री नारायणी ट्रेडर्स के प्रोपराइटर विक्की बनर्जी के खिलाफ जीएसटी चोरी करने की शिकायत धनसार थाना में दर्ज करायी गयी है. इस संबंध में धनसार पुलिस ने उत्पादक वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) अधिनियम 2017 के तहत कांड संख्या 167/ 20 धारा 406, 420, 471, 120 बी, 132(1) बी,132(1) ई, 132(1) आई के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

वाणिज्य कर अधिकारी अफसाना खानम ने बताया कि प्रोपराइटर विक्की बनर्जी के नाम पर सर्वश्री नारायणी ट्रेडर्स कंपनी दुहाटाड़ में चल रही थी, जिसमें 15 करोड़ 90 लाख 22 हजार 138 रुपये का कोयला का व्यवसाय किया गया, लेकिन जीएसटी विवरण नहीं दिया गया और न ही सरकार को टैक्स दिया गया. इस मामले में दुहाटाड़ जाकर छानबीन की गयी, तो पता चला कि यहां इस नाम की कोई कंपनी ही नहीं है.

अफसाना खानम के अनुसार, प्रोपराइटर विक्की से पूछताछ में उसने बताया कि वह बेकसूर है और उसके कागजात को धनबाद के नावाडीह निवासी सत्यनारायण सिन्हा ने झांसे में लेकर उसके कागजात के साथ धोखाधड़ी की है. अपने बयान में प्रोपराइटर विक्की बनर्जी का कहना है कि वह हीरापुर हटिया में ठेले पर चाउमिन बेचने का काम करता है. कुछ दिन पहले नावाडीह धनबाद निवासी सत्यनारायण सिन्हा मेरे पास आए और बोले कि चे नाम की एक कंपनी है, जिसमें तुम्हें जोड़ेंगे. इस कम्पनी से तुम्हें हर महीने 10,000 रुपये कमीशन मिलेगा.

विक्की बनर्जी के बयान के अनुसार, नावाडीह के सत्यनारायण सिन्हा कंपनी में जोड़ने के नाम पर मुझसे आधार कार्ड ,पैन कार्ड, फोटो और मेरे नाम से मोबाइल सिम ले गया. इसके बाद मुझे वह कई महीने तक कमीशन के नाम पर 10,000 रुपये का भुगतान भी किया. बीच-बीच में वह मुझसे कमीशन के नाम पर मुझसे चेक पर हस्ताक्षर करवाता था.

उधर, इस मामले को लेकर स्थानीय पुलिस का कहना है कि इसे कागज के मुताबिक फंसाया गया है और आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है. पुलिस विक्की और सत्यनारायण सिन्हा नाम के शख्स की तलाश में छापेमारी कर रही है. जांच के मुताबिक, सत्यनारायण सिन्हा नाम का शख्स विक्की बनर्जी को हर महीने 10 हजार रुपये देता है.

वहीं, कंपनी के मालिक विक्की बनर्जी की पत्नी से भी पूछताछ की गयी, तो उन्होंने बताया कि सत्यनारायण सिन्हा ने धोखे से कागजात लेकर धोखाधड़ी की है. चाउमिन विक्रेता ने मामले ने की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

Posted By : Vishwat Sen

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