मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच पेट्रोकेमिकल्स पर कस्टम ड्यूटी खत्म; टेक्सटाइल, प्लास्टिक और फार्मा सेक्टर को मिलेगा सीधा फायदा

Customs Duty Exemption: यह छूट 30 जून 2026 तक लागू रहेगी. इसका उद्देश्य युद्ध के चलते बढ़ती लागत को कम करना और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए कच्चे माल की बिना रुकावट उपलब्धता सुनिश्चित करना है.

Customs Duty Exemption: मिडिल ईस्ट (सऊदी अरब, ईरान, इराक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, ओमान, यमन, इजराइल) में बढ़ते जिओ पॉलिटिक्स तनाव के कारण ग्लोबल लेवल पर पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक और इंटरमीडिएट्स की सप्लाई बाधित हुई है. इससे भारतीय उद्योगों पर लागत का दबाव बढ़ गया था. सरकार का यह कदम अस्थायी राहत के रूप में है ताकि सप्लाई स्थिर हो सके और निर्माण कार्य न रुके.

इन प्रमुख प्रोडक्ट पर मिलेगी छूट

सरकार ने कच्चे माल और पॉलिमर्स की एक लंबी लिस्ट जारी की है इन पर अब कोई कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगा.

  • कच्चा माल (Key Inputs): मेथनॉल (Methanol), टोल्यूनि (Toluene), स्टाइरीन, विनाइल क्लोराइड मोनोमर, फिनोल, एसिटिक एसिड और शुद्ध टेरेफ्थेलिक एसिड (PTA) आदि.
  • पॉलिमर्स और प्लास्टिक: पॉलीथीन, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीस्टाइनिन, पीवीसी (PVC), और पीईटी (PET) चिप्स.
  • स्पेशियलिटी केमिकल्स: एपॉक्सी रेजिन, पॉलीयुरेथेन और फॉर्मल्डेहाइड डेरिवेटिव्स.

किन सेक्टर को होगा सबसे ज्यादा फायदा ?

इस फैसले से न केवल उद्योगों की लागत घटेगी, बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी लास्ट प्रोडक्ट की कीमतों में नरमी के रूप में फायदा मिल सकता है.

  • प्लास्टिक और पैकेजिंग: कच्चे माल के दाम गिरने से पैकेजिंग सस्ती होगी.
  • फार्मा और केमिकल्स: दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की लागत कम होगी.
  • टेक्सटाइल (कपड़ा उद्योग): सिंथेटिक फाइबर और धागा बनाने वाली कंपनियों को राहत मिलेगी.
  • ऑटोमोटिव: कार के पुर्जे और इंजीनियरिंग प्लास्टिक बनाने वाले सेगमेंट को मजबूती मिलेगी.

सरकारी सूत्रों के अनुसार, स्थिति की बारीकी से निगरानी की जाएगी. यदि पश्चिम एशिया का संकट और गहराता है या सप्लाई चेन में और सुधार की आवश्यकता होती है, तो भविष्य में अतिरिक्त उपाय भी किए जा सकते हैं. फिलहाल, यह राहत जून के अंत तक प्रभावी रहेगी.

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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