Gold-Silver Prices : मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर देखने को मिला है. आज यानी 8 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है.
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, आज 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने का दाम 3,470 रुपये गिरकर 1.51 लाख रुपये (₹1,50,768) के स्तर पर आ गया है. वहीं, चांदी की कीमतों में और भी बड़ा क्रैश देखा गया है.
1 किलो चांदी की कीमत 15,748 रुपये कम होकर 2.41 लाख रुपये पर आ गई है. आपको बता दें कि बीते 31 मई को चांदी की कीमत 2,63,350 रुपये थी, जो इस महीने के शुरुआती 8 दिनों में ही करीब 22 हजार रुपये टूट चुकी है.
आज क्या हैं सोने के दाम ?
IBJA के अनुसार, अलग-अलग कैरेट के हिसाब से सोने की कीमतें (प्रति 10 ग्राम) कुछ इस प्रकार हैं.
| सोने की शुद्धता (कैरेट) | आज की कीमत (प्रति 10 ग्राम) |
| 14 कैरेट | ₹88,199 |
| 18 कैरेट | ₹1,13,076 |
| 22 कैरेट | ₹1,38,103 |
| 24 कैरेट | ₹1,50,768 |
देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव
गुडरिटर्न्स (Goodreturns) के मुताबिक, भारत के बड़े शहरों में आज 24 कैरेट सोने (प्रति 10 ग्राम) के दाम इस प्रकार ट्रेंड कर रहे हैं.
- जयपुर, दिल्ली, लखनऊ: ₹1,51,840
- अहमदाबाद, पटना, भोपाल: ₹1,51,740
- मुंबई, रायपुर, कोलकाता: ₹1,51,690
ऑलटाइम हाई से ₹1.45 लाख तक सस्ती हुई चांदी
साल 2026 की शुरुआत से ही कीमती धातुओं के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है.
- सोने का सफर: 31 दिसंबर 2025 को सोना 1.33 लाख रुपये पर था, जो 29 जनवरी 2026 को अपने रिकॉर्ड हाई 1.76 लाख रुपये पर पहुंच गया था. उस ऑलटाइम हाई स्तर से अब तक सोना 25 हजार रुपये सस्ता हो चुका है.
- चांदी का सफर: 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपये थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपये के ऑलटाइम हाई पर जा पहुंची थी. तब से लेकर अब तक (पिछले 130 दिनों में) चांदी 1.45 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है.
जंग के माहौल में क्यों गिर रहे हैं दाम ?
आमतौर पर देखा जाता है कि जब भी दुनिया में जंग या तनाव का माहौल होता है, तो लोग सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर इसमें पैसा लगाते हैं जिससे दाम बढ़ते हैं. लेकिन इस बार एक्सपर्ट्स के मुताबिक स्थिति बिल्कुल अलग है.
- मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा (Liquidity Preference): ईरान-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशक किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते. वे अनिश्चितता के इस दौर में सोने-चांदी को बेचकर अपने पास हार्ड कैश (लिक्विड मनी) इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल कर सकें.
- भारी प्रॉफिट बुकिंग (Profit Booking): जनवरी के महीने में कीमतें अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं. ऐसे में बड़े संस्थागत निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचकर मुनाफा कमाना (प्रॉफिट बुक करना) शुरू कर दिया. बाजार में अचानक सप्लाई बढ़ने से कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं.
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