सोने-चांदी के दामों में भारी गिरावट: ऑलटाइम हाई से ₹20,000 सस्ता हुआ सोना, चांदी भी ₹1.23 लाख टूटी

Gold-Silver Price : सोने-चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट! सोना अपने ऑलटाइम हाई से ₹20,000 तो चांदी ₹1.23 लाख तक हुई सस्ती. जानिए बाजार में इस अचानक आई मंदी की बड़ी वजह.

Gold-Silver Price : अगर आप सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है. इस हफ्ते सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोने और चांदी दोनों के ही दाम अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ चुके हैं.

इस हफ्ते क्या रहे सोने-चांदी के भाव?

सोने का हाल: 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते ₹1,654 गिरकर ₹1.56 लाख पर आ गया है. इससे पिछले हफ्ते (23 मई को) सोने की कीमत ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम पर थी.
चांदी की स्थिति: चांदी की कीमतों में भी बड़ी कटौती हुई है. चांदी प्रति किलो ₹2,66,000 से गिरकर ₹2,63,350 पर आ गई है, यानी इसके दाम में सीधे ₹2,650 की कमी आई है.

ऑलटाइम हाई से अब तक कितनी आई गिरावट?

साल 2026 की शुरुआत में दोनों कीमती धातुओं ने अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे, लेकिन उसके बाद से बाजार में लगातार मंदी देखी जा रही है:

सोने का सफर (₹1.76 लाख से ₹1.56 लाख तक)

  • शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख
  • ऑलटाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख (सिर्फ एक महीने में भारी उछाल)
  • मौजूदा स्थिति: अपने उच्चतम स्तर से सोना अब तक ₹20,000 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है.
  • चांदी में बड़ा क्रैश (₹3.86 लाख से ₹2.63 लाख तक)
  • शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख
  • ऑलटाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख (ऐतिहासिक बढ़त)
  • मौजूदा स्थिति: पिछले 118 दिनों के भीतर चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से ₹1.23 लाख प्रति किलो सस्ती हो चुकी है.

जंग के माहौल में भी क्यों गिर रहे हैं दाम? (2 मुख्य कारण)

आमतौर पर देखा जाता है कि वैश्विक तनाव या युद्ध (War) की स्थिति में लोग सोने को सुरक्षित निवेश मानकर खरीदते हैं, जिससे इसके दाम बढ़ते हैं. लेकिन इस बार मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) संकट के बीच कहानी थोड़ी अलग है.

  • मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा: वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में बड़े निवेशक किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं. वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ (नकद) इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि जरूरत के समय उनके पास लिक्विड मनी (तुरंत इस्तेमाल होने वाला पैसा) मौजूद रहे.
  • भारी प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी के महीने में जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर (All-Time High) पर पहुंच गई थीं, तब बड़े संस्थागत निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना और मुनाफा कमाना शुरू कर दिया. बाजार में अचानक सप्लाई बढ़ने से कीमतें तेजी से नीचे आ गईं.

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Published by: Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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