Gold Silver Price: पिछले एक साल के दौरान सोने-चांदी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है. हालांकि, हाल के दिनों में इनकी कीमतों में कुछ सुधार देखा गया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है और लंबी अवधि में रुझान अब भी मजबूत होंगे. अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के अध्यक्ष राजेश रोकड़े ने कहा कि हाल के दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में हुआ सुधार केवल मुनाफावसूली का हिस्सा है.
चार महीनों में लगातार महंगा हुआ है सोना
राजेश रोकड़े ने कहा, “सोने में पिछले चार महीनों में लगातार तेजी आई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें 3,300 डॉलर प्रति औंस से बढ़कर 4,400 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गईं. इसका मतलब यह है कि सोने की कीमतों में करीब करीब 1,100 डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. भारतीय बाजार में भी 24 कैरेट सोना 75,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर लगभग 1.3 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच गया है. ऐसे में सुधार की उम्मीद स्वाभाविक थी.”
मजबूत मांग से ऊंची रहेंगी सोने की कीमतें
राजेश रोकड़े के अनुसार, सोने की कीमतों में यह सुधार ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा. इसका कारण यह है कि वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों की खरीदारी बढ़ रही है. उन्होंने कहा, “सोना फिलहाल 4,100 डॉलर के आसपास है. इसमें 50 से 100 डॉलर की और गिरावट संभव है, लेकिन इससे नीचे जाने की संभावना बहुत कम है. दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं, जिससे मांग मजबूत बनी हुई है.”
भू-राजनीतिक तनाव से मजबूत हो रहा सोना
रोकड़े ने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी टैरिफ और डी-डॉलराइजेशन की प्रवृत्ति भी सोने की मजबूती को बढ़ावा दे रही है. कई देश डॉलर पर निर्भरता घटाने के लिए सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं. चीन जैसे देशों में डॉलर में प्राप्त भुगतान को सोने में बदलने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे सोने की कीमतों को अतिरिक्त समर्थन मिल रहा है.
सोने की कीमतों में फिर लौटेगी तेजी
रोकड़े का कहना है कि दिवाली के बाद व्यापारी आम तौर पर एक सप्ताह की छुट्टी से पहले मुनाफा वसूली करते हैं, जिससे अल्पकालिक गिरावट संभव है. हालांकि, छुट्टियों के बाद कारोबार दोबारा शुरू होने पर सोने में तेजी लौटने की संभावना है. उन्होंने कहा, “सोने की कीमतें पहले ही बहुत बढ़ चुकी हैं. वर्तमान में यह 1.25 से 1.26 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच है. मुझे अब भी सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी की प्रबल संभावना नजर आ रही है.”
चांदी पर भी रहेगा दबाव
केडिया कमोडिटीज के संस्थापक और निदेशक अजय केडिया ने बताया कि पिछले एक साल में चांदी की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं. जनवरी 2025 से लेकर अब तक इसमें लगभग 85% की वृद्धि दर्ज की गई है. उन्होंने कहा, “इतनी बड़ी तेजी के बाद 10% से 20% के बीच की गिरावट स्वाभाविक है. शुक्रवार से घरेलू बाजार में चांदी की कीमत में लगभग 12 से 12.5% की गिरावट आई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तेज गिरावट देखने को मिली है.”
चांदी के भाव में और होगी गिरावट
अजय केडिया ने बताया कि आगे थोड़ी और गिरावट संभव है, इसलिए निवेशकों को फिलहाल इंतजार करना चाहिए. उन्होंने कहा, “इतनी बड़ी तेजी के बाद कीमतें समेकन के दौर में चली जाती हैं. घरेलू बाजार में चांदी को करीब 1.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर समर्थन मिलना चाहिए. यह निवेश के लिए उचित स्तर होगा.”
निवेशकों को सतर्कता बरतने की सलाह
अजय केडिया ने सोने की मौजूदा चाल पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सोने की कीमतें 4,300 डॉलर प्रति औंस से गिरकर 4,100 डॉलर प्रति औंस तक आ चुकी हैं. भारत में 24 कैरेट सोना 1.31 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंचा, लेकिन वहां टिक नहीं पाया. उनका कहना है, “सोने पर दबाव फिलहाल जारी रह सकता है. इसकी दिशा डोनाल्ड ट्रंप और चीन के साथ-साथ रूस-अमेरिका के बीच बैठकों के परिणामों पर निर्भर करेगी. निवेश के लिहाज से अभी बाजार में भारी उतार-चढ़ाव है. कीमतें 1.25 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिर सकती हैं, इसलिए मौजूदा स्तर पर खरीदारी से बचना चाहिए.”
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लंबी अवधि में आकर्षक बने रहेंगे सोना-चांदी
राजेश रोकड़े और अजय केडिया ने एकमत से कहा कि भले ही निकट भविष्य में सोना और चांदी कुछ सुधार दिखा सकते हैं, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक है. वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता, महंगाई, भू-राजनीतिक जोखिम और डी-डॉलराइजेशन जैसे कारक इनकी मांग को और बढ़ा रहे हैं. जहां सोना सुरक्षित निवेश का प्रतीक बना रहेगा, वहीं औद्योगिक इस्तेमाल के कारण चांदी की मांग भी मजबूत बनी रहेगी. इनका मानना है कि 2025 में भी इन दोनों कीमती धातुओं में निवेशकों को लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिलने की पूरी संभावना है.
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