Gold Holding Limit in India: भारत में सोना सिर्फ गहना बनाने के नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त का साथी माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर में सोना रखने की भी एक तय सीमा होती है? अगर आपके पास अपनी कमाई का हिसाब (Income Proof) है, तो आप जितना चाहें उतना सोना रख सकते हैं. लेकिन अगर हिसाब नहीं है, तो इसके लिए आयकर विभाग (Income Tax) के कुछ खास नियम लागू होते हैं.
बिना रसीद कितना सोना रख सकते हैं?
CBDT के नियमों के मुताबिक, घर में बिना किसी ‘सोर्स ऑफ इनकम’ बताए एक तय मात्रा तक सोना रखा जा सकता है. अगर आपके घर पर कभी इनकम टैक्स की सर्च होती है, तो नीच दिए सीमा तक के गहने जब्त नहीं किए जाएंगे:
- शादीशुदा महिला: 500 ग्राम तक.
- अविवाहित महिला: 250 ग्राम तक.
- पुरुष: 100 ग्राम तक.
हिन्दू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए यह सीमा उनकी घरेलू आय और परंपरा पर निर्भर करती है.
लिमिट से ज्यादा सोना होने पर क्या करें?
अगर आपके पास ऊपर दी गई लिमिट से ज्यादा सोना है, तो आपके पास उसका पुख्ता सबूत होना चाहिए. इसमें सोने की खरीदारी का बिल, विरासत में मिले सोने के लिए वसीयत (Will), या गिफ्ट डीड जैसे दस्तावेज शामिल हैं. यदि आप आय का सही स्रोत नहीं बता पाते, तो अधिकारी उस सोने को जब्त कर सकते हैं.
पकड़े जाने पर कितना लगेगा जुर्माना?
बिना हिसाब वाले सोने पर टैक्स की मार बहुत भारी पड़ती है. अगर आप सोने का स्रोत साबित करने में फेल होते हैं, तो उस पर 60% टैक्स, 25% सरचार्ज और 4% सेस लगता है. यानी कुल मिलाकर 78% टैक्स देना होगा. इसके अलावा, 10% की पेनल्टी अलग से देनी पड़ सकती है.
सोना बेचने पर कितना टैक्स देना होगा?
सोना बेचने से होने वाली कमाई पर ‘कैपिटल गेन्स टैक्स’ लगता है.
- अगर आप 24 महीने से पहले सोना बेचते हैं, तो यह शॉर्ट टर्म गेन है और आपकी इनकम स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा.
- अगर 24 महीने बाद बेचते हैं, तो इस पर 12.50% की दर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स देना होगा.
- शादी में मिला या विरासत का सोना टैक्स फ्री होता है, लेकिन उसे बेचने पर टैक्स देना पड़ता है.
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