ट्रेन 3 घंटे लेट? टिकट कैंसिल किए बिना मिलेगा 100% रिफंड, बस करना होगा ये काम

अगर आपकी ट्रेन बोर्डिंग स्टेशन पर 3 घंटे से ज्यादा लेट है, तो आप 100% टिकट किराया वापस पा सकते हैं. जानिए इस नियम का फायदा उठाने के लिए जरूरी शर्तें और TDR फाइल करने की प्रक्रिया.

अगर आपकी ट्रेन बोर्डिंग स्टेशन पर तय समय से 3 घंटे से ज्यादा लेट है, तो आप यात्रा रद्द कर सकते हैं. रेलवे के नियमों के अनुसार, इस स्थिति में आपको टिकट का 100% किराया वापस मिल सकता है. यानी टिकट कैंसिलेशन के नाम पर कोई सामान्य चार्ज नहीं काटा जाएगा. हालांकि, इसके लिए कुछ जरूरी शर्तों का पालन करना होता है.

3 घंटे की देरी पर पूरा पैसा

वापस मान लीजिए आपने ट्रेन का टिकट ₹1,000 में बुक किया है और ट्रेन आपके बोर्डिंग स्टेशन पर 3 घंटे से ज्यादा देरी से पहुंच रही है. अगर आपने यात्रा नहीं की और नियम के मुताबिक समय परटिकट डिपॉजिट रसीद फाइल कर दिया, तो आपको पूरे ₹1,000 का रिफंड मिल सकता है. इसी तरह ₹2,500 के टिकट पर ₹2,500 और ₹5,000 के टिकट पर ₹5,000 तक का पूरा किराया वापस मिल सकता है.

देरी बोर्डिंग स्टेशन पर होना जरूरी

इस नियम का फायदा तभी मिलेगा जब ट्रेन आपके बोर्डिंग स्टेशन पर 3 घंटे से ज्यादा लेट हो. सिर्फ यह पता चलना कि ट्रेन अपने शुरुआती स्टेशन से 3 घंटे लेट चली है, अपने आप में काफीनहीं है. साथ ही, PNR (पैसेंजर नेम रिकॉर्ड) पर किसी भी यात्री ने यात्रा नहीं की होनी चाहिए.

ट्रेन छूटने से पहले TDR जरूरी

पूरा रिफंड लेने के लिए सबसे अहम बात है कि ट्रेन के असल प्रस्थान से पहले टिकट डिपॉजिट रसीद (Ticket Deposit Receipt- TDR ) फाइल करना होगा. ऑनलाइन टिकट होने पर IRCTC की वेबसाइट या रेल कनेक्ट ऐप के जरिए TDR दाखिल किया जा सकता है. इसके बाद रेलवे नियमों के अनुसार रिफंड की प्रक्रिया पूरी करता है.

काउंटर टिकट वालों को क्या करना होगा?

अगर टिकट रेलवे के PRS काउंटर से खरीदा गया है, तो यात्री को ट्रेन के असल प्रस्थान से पहले संबंधित स्टेशन काउंटर पर TDR फॉर्म जमा करना होगा. सिर्फ सामान्य तरीके से टिकट कैंसिल कराने पर इस खास नियम का पूरा लाभ नहीं मिल सकता.

ट्रेन छूटने के बाद TDR किया तो?

अगर ट्रेन के असल प्रस्थान के बाद TDR फाइल किया जाता है, तो 100% रिफ़ंड का दावा प्रभावित हो सकता है. इसलिए अगर ट्रेन 3 घंटे से ज़्यादा लेट है और यात्रा नहीं करनी है, तो ट्रेन के असल प्रस्थान से पहले TDRफाइल करना सबसे जरूरी कदम है.

आसान हिसाब समझिए

  • ₹500 का टिकट → संभावित रिफंड ₹500
  • ₹1,000 का टिकट → संभावित रिफंड ₹1,000
  • ₹2,500 का टिकट → संभावित रिफंड ₹2,500
  • ₹5,000 का टिकट → संभावित रिफंड ₹5,000

ध्यान रखें कि यह सुविधा रेलवे की तय शर्तों के अधीन है और रिफंड की आखिरी राशि रेलवे के रिकॉर्ड और लागू नियमों के आधार पर तय होती है.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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