FasTag: देश के नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है. सरकार ने टोल प्लाजा पर नकद लेन-देन को पूरी तरह बंद कर डिजिटल पेमेंट को अनिवार्य कर दिया है. हालांकि, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल समेत पांच चुनावी राज्यों में फिलहाल पुराने ढर्रे पर ही टोल वसूली होती रहेगी.
आचार संहिता बनी राहत की वजह
तमिलनाडु, केरल, असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के कारण आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू है. नियमों के मुताबिक, इस दौरान सरकार ऐसी कोई नई नीति लागू नहीं कर सकती जो जनता को सीधे प्रभावित करे. इसी लोकतांत्रिक व्यवस्था के चलते इन राज्यों में नए डिजिटल नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है.
यात्रियों के पास होंगे दोनों विकल्प
अगर आप इन पांच राज्यों से गुजर रहे हैं, तो आपको डिजिटल भुगतान के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा. आप अपनी सुविधा के अनुसार नगद देकर रसीद कटवा सकते हैं. डिजिटल (FASTag/UPI) का विकल्प भी पहले की तरह खुला रहेगा. यह व्यवस्था केवल चुनाव संपन्न होने तक ही प्रभावी है.
चुनाव के बाद ‘फुल स्टॉप’
ध्यान रहे कि यह छूट स्थायी नहीं है. जैसे ही इन राज्यों में चुनावी नतीजे घोषित होंगे और आचार संहिता हटेगी, यहां भी नकद भुगतान पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी जाएगी. इसके बाद पूरे देश में टोल वसूली केवल FASTag और UPI के जरिए ही संभव होगी.
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | छूट का कारण | कब तक प्रभावी? |
| तमिलनाडु | विधानसभा चुनाव / आचार संहिता | चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक |
| पश्चिम बंगाल | विधानसभा चुनाव / आचार संहिता | चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक |
| केरल | विधानसभा चुनाव / आचार संहिता | चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक |
| असम | विधानसभा चुनाव / आचार संहिता | चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक |
| पुडुचेरी | विधानसभा चुनाव / आचार संहिता | चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक |
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