Fact Check: भारत में अस्थमा फैलाने के लिए चीन भेज रहा जहरीले पटाखे? जानें वायरल मैसेज का सच

पटाखों और चीनी लाइट को लेकर मैसेज वायरल होने के बाद पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने पड़ताल शुरू की. जांच के बाद पाया गया कि वायरल हो रहा मैसेज पूरी तरह से फर्जी है. पीआईबी फैक्ट चेक ने यह भी बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा ऐसी कोई भी सूचना जारी नहीं की गई है.

दिवाली को लेकर भारतीय बाजार पूरी तरह से सज कर तैयार हैं. दीपावली की खरीदारी के लिए लोग बाजार पहुंचने लगे हैं. रंग बिरंगे लाइट और दीपक से बाजार जगमगा रहा है. पटाखे के दुकान भी सज कर पूरी तरह से तैयार हैं. लेकिन इस समय एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे पढ़कर लोग दहशत में भी हैं. दावा किया जा रहा है कि भारत को तबाह करने के लिए चीन ने दिवाली में बड़ी साजिश हो अंजाम देने की तैयारी कर रहा है.

वायरल मैसेज में क्या है खास

वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि चीन ने अस्थमा फैलाने और नेत्र रोग को बढ़ावा देने के लिए इस दिवाली जहरीले पटाखे तैयार कर भारतीय बाजार में भेज रहा है. वायरल मैसेज में गृह मंत्रालय का जिक्र किया गया है. वायरल मैसेज में लिखा गया है कि पाकिस्तान भारत में सीधा हमला नहीं कर सकता, इसलिए चीन की मदद से चाल चल रहा है. चीन भारत में अस्थमा फैलाने के लिए कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से भी ज्यादा जहरीले पटाखे तैयार कर भेज रहा है. आगे मैसेज में यह भी दावा किया गया है कि नेत्र रोग को बढ़ाने देने के लिए चीन विशेष लाइट भी तैयार किया है और भारतीय बाजार में उतारा है. मैसेज में आगे सलाह दी गयी है कि इस दिवाली सावधान रहें और चीनी उत्पादों के उपयोग से बचें.

क्या है वायरल मैसेज का सच

पटाखों और चीनी लाइट को लेकर मैसेज वायरल होने के बाद पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने पड़ताल शुरू की. जांच के बाद पाया गया कि वायरल हो रहा मैसेज पूरी तरह से फर्जी है. पीआईबी फैक्ट चेक ने यह भी बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा ऐसी कोई भी सूचना जारी नहीं की गई है.

वायरल मैसेज से रहें सावधान

सोशल मीडिया में ऐसे कई तरह से फर्जी मैसेज आये दिन वायरल होते रहते हैं. जिसके जाल में लोग साइबर अपराधियों के शिकार भी हो रहे हैं. लेकिन हमेशा यह सलाह दी जाती है कि कोई भी वायरल मैसेज को बिना जांच किये कभी भी दूसरों के पास शेयर नहीं करना चाहिए. साथ ही यह भी सलाह दी जाती है कि अपनी निजी जानकारी भूलकर भी दूसरों से शेयर नहीं करना चाहिए. खासकर बैंक अकाउंट से जुड़ह जानकारी बताने से बचना चाहिए. बैंक अधिकारी कभी भी फोन पर ओटीपी या पासवर्ड नहीं पूछते.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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