आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23: नेशनल हाइवे और सड़कों का हुआ विकास, कोविड के बावजूद आधारभूत संरचना से आगे बढ़ा देश

आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23: आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि देश में राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़कों के निर्माण में खासा इजाफा हुआ है. वित्त वर्ष 2022 में 10457 किलोमीटर सड़कों का निर्माण हुआ है. जबकि वित्त वर्ष 2016 में यह महज 6061 किलोमीटर थी.

आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद के बजट सत्र में आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण में 6 से 6.8 फीसदी के विकास दर का अनुमान किया गया है. आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त मंत्री ने बताया कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर विशेष जोर दिया गया है. बुनियादी ढांचों का विकास देश की प्रगति तय करेगी.

राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में इजाफा: आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि देश में राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़कों के निर्माण में खासा इजाफा हुआ है. वित्त वर्ष 2022 में 10457 किलोमीटर सड़कों का निर्माण हुआ है. जबकि वित्त वर्ष 2016 में यह महज 6061 किलोमीटर थी. बात करें इसके बजट की तो बीते चार सालों में इसका बजट भी बढ़ा है.

रेलवे का बढ़ा राजस्व: आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि कोरोना महामारी की कठिन परिस्थिति के बाद भी भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने माल ढुलाई को बनाए रखा गया. वित्त वर्ष 2022-23 (नवंबर 2022 तक) के दौरान इंडियन रेलवे ने माल ढुलाई से वित्त 901.7 मिलियन टन की तुलना में 976.8 मिलियन टन राजस्व-अर्जित किया. हालांकि, इसमें केआरसीएल को शामिल नहीं किया गया है. वहीं रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास पर भी वित्त वर्ष 2023 में 2.5 लाख करोड़ खर्च किया गया. जो बीते साल की तुलना में 29 फीसदी ज्यादा है.

भारतीय रेलवे के बुनियादी विकास के साथ-साथ मुंबई अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट, गति शक्ति मल्टी मोडल कार्गो टर्मिनल, वंदे भारत ट्रेनों को शामिल किया गया है. इसके अलावा इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम, हाइपरलूप तकनीक का विकास और किसान रेल ट्रेनों की शुरुआत भी शामिल हैं.

नागरिक उड्डयन: आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया कि दिसंबर 2022 में यात्रियों की कुल संख्या 150.1 लाख थी, जो आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार पूर्व-कोविड स्तर यानी अप्रैल 2019 से फरवरी 2020 तक 11 महीनों के लिए औसत का 106.4 फीसदी था. वहीं,  नवंबर 2022 के दौरान, कुल एयर कार्गो टन भार 2.5 लाख मीट्रिक टन था, जो कि पूर्व-कोविड स्तरों का 89 फीसदी ज्यादा है.

बंदरगाहों का विकास: सर्वेक्षण में बताया गया कि प्रमुख बंदरगाहों की क्षमता मार्च 2014 के अंत में 871.5 मिलियन टन प्रतिवर्ष (एमटीपीए) थी. लेकिन यह क्षमता मार्च 2022 के अंत तक बढ़कर 1534.9 एमटीपीए हो गई है. सर्वेक्षण में यह भी बताया कि बंदरगाहों की क्षमता को और बढ़ाने के लिए सरकार पोर्ट गवर्नेंस में सुधार, कम क्षमता के उपयोग, तकनीकी कुशल लोडिंग/अनलोडिंग उपकरण के साथ बर्थ का आधुनिकीकरण करने और पोर्ट कनेक्टिविटी के लिए नए चैनल बनाने पर ध्यान दे रही है.

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बिजली की बढ़ी क्षमता: आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि उपयोगिताओं और कैप्टिव बिजली संयंत्रों की कुल बिजली क्षमता 31 मार्च 2022 को 482.2 GW थी, जो  31 मार्च 2021 को 460.7 GW की तुलना में 4.7 फीसदी ज्यादा है. सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि उपयोगिताओं में कुल स्थापित क्षमता का सबसे बड़ा हिस्सा ऊर्जा के थर्मल स्रोतों का है, जो 59.1 फीसदी है.  इसके बाद नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों का 27.5 फीसदी और हाइड्रो का 11.7 फीसदी हिस्सा है.

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Author: Pritish Sahay

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