IPO: डॉ अग्रवाल्स हेल्थ का आईपीओ 29 जनवरी को होगा पेश, प्राइस बैंड 382 से 402 रुपये प्रति शेयर

IPO: डॉ अग्रवाल्स हेल्थकेयर भारत में आईकेयर सेक्टर की अग्रणी कंपनी है, जिसकी टेमासेक और टीपीजी जैसी मजबूत संस्थागत साझेदारियां हैं. यह आईपीओ निवेशकों को तेजी से बढ़ते हेल्थकेयर क्षेत्र में शामिल होने का एक सुनहरा मौका प्रदान करता है.

IPO: आईकेयर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी डॉ अग्रवाल्स हेल्थकेयर ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की घोषणा की है. टेमासेक होल्डिंग्स और टीपीजी समर्थित इस कंपनी का आईपीओ 29 जनवरी 2025 को खुलेगा और 31 जनवरी 2025 को बंद होगा. इसके लिए प्राइस बैंड 382 रुपये से 402 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है.

आईपीओ का ब्योरा

इस आईपीओ का कुल साइज करीब 3,027 करोड़ रुपये है, जिसमें 300 करोड़ रुपये के नए इश्यू और 2,727.26 करोड़ के बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल हैं. ओएफएस के तहत प्रमोटर और शेयरधारक अरवॉन इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, क्लेमोर इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्राइवेट लिमिटेड और हाइपरियन इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड अपने हिस्से के शेयर बेचेंगे.

आईपीओ से हासिल रकम का इस्तेमाल

कंपनी ने घोषणा की है कि नए इश्यू से जुटाए गए 195 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और अन्य कंपनियों के अधिग्रहण के लिए किया जाएगा.

आईपीओ में किसकी कितनी हिस्सेदारी

  • पात्र संस्थागत खरीदार (QIBs): 50%
  • गैर-संस्थागत निवेशक (NIIs): 35%
  • खुदरा निवेशक: 15%

डॉ अग्रवाल्स हेल्थकेयर का आर्थिक प्रदर्शन

डॉ अग्रवाल्स हेल्थकेयर ने वित्त वर्ष 2023-24 में 1,332.15 करोड़ रुपये की परिचालन आय और 95.05 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था. यह आंकड़े दर्शाते हैं कि कंपनी आईकेयर सेक्टर में एक मजबूत उपस्थिति बनाए हुए है.

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कंपनी के कर्मचारी भी लगा सकेंगे बोली

कंपनी ने आईपीओ के तहत अपने पात्र कर्मचारियों को बोली लगाने का अवसर भी दिया है. एंकर (बड़े) निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया 28 जनवरी को खुलेगी, जो कि मुख्य निर्गम से एक दिन पहले है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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